गजरौला वसेली में मासूम का शव पहुंचने के बाद जमा भीड़।
अभिषेक हत्याकांड में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने ग्रामीणों संग थाने का घेराव कर लिया। ग्रामीणों को समझाने पहुंची पुलिस के साथ जमकर नोकझोंक हुई। इस दौरान खूब हंगामा हुआ। भीड़ में पुलिस के प्रति आक्रोश को देखकर मामला शांत कराने के लिए कई थानों की पुलिस मौके पर बुला ली गई। किसी तरह से ग्रामीणों को समझाकर शांत किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि शुरू से लेकर अंत तक पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि आरोपी गौरव से सख्ती के साथ पूछताछ होती तो बच्चे को बचाया भी जा सकता है। इस दौरान स्कूल प्रधानाचार्य के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई।
थाना क्षेत्र के के गांव वसेली के किसान नरेश के आठ दिन से गायब मासूम बेटे अभिषेक का शव शुक्रवार को गन्ने के खेत में मिलने के बाद से ही ग्रामीणों का आक्रोश पुलिस के प्रति बढ़ता जा रहा है। यही कारण था कि शुक्रवार दोपहर एक बजे गन्ने के खेत में मासूम का शव मिलने की सूचना के करीब डेढ़ घंटा बाद पुलिस पूरे इंतजाम के साथ मौके पर पहुंची थी। पुलिस को मालूम था कि वहां ग्रामीणों के गुस्से का सामना भी करना पड़ सकता है। जिस दिन से बच्चा लापता हुआ था। उसी दिन से परिजन गांव के ही गौरव पर शक जाहिर कर रहे थे। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर छोड़ा, तो यहीं से परिजनों की पुलिस प्रति नाराजगी शुरू हो गई। इसके बाद शव मिलते ही यह नाराजगी आक्रोश में बदलना लाजिमी थी। यही कारण था कि जब शनिवार सुबह 11 बजे मासूम के शव का पीएम अमरोहा में हो रहा था, तब सैकड़ों ग्रामीणों ने थाना घेर लिया और थानाध्यक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। भीड़ के गुस्से को भांपते हुए धनौरा, बछरायूं व रजबपुर पुलिस के साथ पीएसी भी बुला ली गई। पुलिस फोर्स अधिक होने पर भीड़ का आक्रोश थमा। इसके बाद अमरोहा से पोस्टमार्टम के बाद मासूम का शव आते ही भीड़ गांव की तरफ रवाना हो गई।