बरेली से आई आईवीआरआई की टीम ने बंदरों का इलाज किया।
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ढबारसी में बंदरों के शव मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन बंदरों के लिए काल साबित हो रहा है। राहत की बात यह है कि पिछले दिनों के मुकाबले आंकड़ा कुछ हद तक कम हुआ है। शनिवार को भी पांच बंदरों की मौत हुई। जबकि, दर्जनों बंदर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
शनिवार की तड़के ढबारसी के मोहल्ला होली वाला में तीन बंदरों के शव पड़े मिले। दोपहर होने तक इनकी संख्या पांच हो गई। यह हाल तब है जब पशु चिकित्सकों की टीम का पूरा अमला गांव में डटा हुआ है। पिछले चार दिनों से बंदरों को बचाने की कोशिश की जा रही है। फिर भी बंदरों को मौत के मुंह में जाने से नहीं रोक पा रहे हैं। पिछले दस दिनों से ढबारसी में बंदरों की मौत हो रही है। सोमवार और मंगलवार को इस मामले ने तूल पकड़ा। मंगलवार तक सौ बंदर मर चुके थे। तब से लेकर आज तक बंदरों की मौत का क्रम जारी है। मंगलवार को पशुु पालन विभाग की टीम ने एक बंदर का पोस्टमार्टम किया।
जिसका विसरा सुरक्षित करते हुए आईवीआरआई बरेली भेेजा गया। बरेली में वैज्ञानिकों की टीम ने मिशन मोड पर काम करते हुए दो दिन में ही रिपोर्ट भेज दी। रिपोर्ट में बंदरों को जहर देने का खुलासा हुआ। इस खुलासे ने बंदरों की मौत बीमारी से होने की अटकलों पर विराम लगा दिया। फिलहाल दर्जनों बंदर अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।