गजरौला। गजरौला विद्युत डिविजन में मीटर प्रकरण मामले में नया मामला सामने आया है। पुराने मीटर की रीडिंग का बिल कम करने और खत्म करने के नाम पर पांच से 15 हजार रुपये तक वसूले गए हैं। आरोपियों ने पुरानी रीडिंग सहित मीटर गायब कर दिए तथा उपभोक्ता के घर पुराने कम रीडिंग वाले मीटर लगा दिए गए। विभागीय अधिकारियों की जांच में पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
गजरौला डिविजन में उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर अवैध मीटर लगाने के मामले की जांच चल रही है। जांच में सामने आया कि आरोपी पूर्व मीटर ब्वाय ऐसे उपभोक्ताओं की तलाश करते थे, जिन पर पुराना बिल बकाया है। ऐसे उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग और बिल कम करने के नाम पर उपभोक्ताओं को प्रलोभन दिया जाता है। जो उपभोक्ता लालच में आ जाते थे, उन्हें मीटर बदलने की सलाह दी जाती थी। इस मामले में उपभोक्ताओं से पांच से 15 हजार रुपये लिए जाते थे। आरोपियों ने कम बिल वाले उपभोक्ताओं के यहां बिना लैब नंबर के नए मीटर लगा दिए। जिन उपभोक्ताओं की रीडिंग ज्यादा थी, वहां पर कम रीडिंग वाले मीटरों को लगा दिया गया। आरोपियों ने उपभोक्ताओं से पुराने विद्युत मीटरों की रीडिंग का बिल भी जमा नहीं कराया।
पकड़े गए मीटरों का नहीं हो पा रहा मिलान
गजरौला। आरोपियों से विभागीय अधिकारियों ने कुछ मीटर बरामद किए हैं। जिन उपभोक्ताओं के यहां से मीटर उतारने की जानकारी दी थी, विद्युत मीटर नंबर से उपभोक्ताओं के कनेक्शन नंबर का मिलान नहीं हो पा रहा है। अधिकारी जांच में जुटे है।
आरोपियों ने उपभोक्ताओं के साथ मिलकर सारी गड़बड़ी की है। इस मामले की जांच की जा रही है। ज्यादा मीटर रीडिंग का आरोपियों ने बिल भी जमा नहीं कराया है। जांच के बाद ही पूरा मामला सामने आ पाएगा।
- हरीश कुमार, सहायक अभियंता मीटर।