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दुष्कर्म में सात साल की सजा, बीस हजार जुर्माना

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अमरोहा। नौकरी दिलाने के बहाने बुलाकर युवती से दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दिल्ली निवासी युवक को सात साल की सजा सुनाई है। जबकि 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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रजबपुर थाना क्षेत्र की युवती को जुलाई 2010 में मुरादाबाद की एक युवती ने एक फैशन इंस्टीट्यूट में प्रवेश दिलाया था। सितंबर 2011 में उसने अपने साथियों से मिलकर उसे नौकरी दिलाने के बहाने दिल्ली बुला लिया। जहां उन्होंने दो सप्ताह तक नौकरी लगवाने और प्रमाण पत्र देने के बहाने एक घर में रखा। नौ अक्तूबर 2011 को दिल्ली के मंगलपुर खुर्द निवासी रौनक लांबा ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं युवती के धोखे से अश्लील फोटो और वीडियो क्लिप बना ली। शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करता रहा। इस बीच युवती गर्भवती हो गई तो दवा खिलाकर उसका गर्भपात कराया। दबाव बनाने पर मार्च 2013 में कोर्ट मैरिज के बहाने कोरे कागजात पर हस्ताक्षर कराए और समाज का दबाव बढ़ने पर जून 2014 में रौनक लांबा ने युवती के साथ शादी कर ली। 18 जनवरी 2015 को रौनक लांबा युवती को लेकर उसके घर आया। इस बात का पता चलने पर मुरादाबाद की युवती भी वहां आई थी। युवती ने अपने पति रौनक लांबा को मुरादाबाद की युवती के साथ देख लिया था। इसके बाद उसने अपने पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वह जमानत पर बाहर था। मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट सुरेश चंद्र प्रथम की अदालत में चल रहा थ। शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने मुकदमे में पैरवी की। शुक्रवार को अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर रौनक को दुष्कर्म का दोषी पाया। रौनक लांबा को सात साल की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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