अमरोहा। एनआईए और एटीएस की छापेमारी के दौरान आईएसआईएस के नए मॉड्यूल का पर्दाफाश किया, जिसमें यह चौकाने वाला खुलासा हुआ कि छात्र-इंजीनियर और मुुफ्ती-मौलवी दहशतगर्दी का तानाबाना बुन रहे थे। सरगना आतंकी सुहैल मुफ्ती है। जबकि इसके नेटवर्क में छात्र-इंजीनियर भी शामिल हैं।
बुधवार तड़के दिल्ली से आई एनआईए और यूपी एटीएस ने संयुक्त रूप दिल्ली और उत्तर प्रदेश के 17 आतंकी ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें टीम ने अकेले अमरोहा में चार स्थानों पर छापे मारे थे। नगर के मोहल्ला मुल्लाना से आईएसआईएस के नए मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम का सरगना मुफ्ती सुहैल को गिरफ्तार किया गया था। जबकि मोहल्ला पचदरा से ऑटो चालक इरशाद और नौगांवा सादात के गांव सैदपुर इम्मा से दो सगे भाई वेल्डर सईद और रईस को पकड़ लिया। एनआईए ने सभी ठिकानों पर एक साथ छापे मारकर सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें टीम को अवैध तमंचे, पिस्टल, बम, लैपटॉप, मोबाइल, आईएसआईएस के झंडे और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि नए मॉड्यूल का सरगना अमरोहा निवासी हुसैल मुफ्ती था। जबकि दिल्ली के जाफराबाद निवासी जुबैर और जायद मलिक दिल्ली के एक विश्वविद्यालय में स्नातक के छात्र हैं। इतना ही नहीं यूनुस नोएडा की एक यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। वहीं हापुड़ निवासी इफ्तेखार बकसर की एक मस्जिद में इमाम था। खुफिया सूत्रों के मुताबिक इस आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोग एनआईए और एटीएस की रडार पर हैं। फिलहाल टीम गिरफ्तार मुफ्ती सुहैल सहित अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।