गजरौला (अमरोहा)। तीन दिन पूर्व तिगरी में गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में डूबा युवक तड़के परिजनों के साथ थाने आ पहुंचा। बताया कि साधुवेश में आए बदमाशों ने उसका अपहरण किया था और कुछ देर पहले उनकी गाड़ी खराब होने के बाद वह किसी तरह भागकर जोया पुलिस चौकी पहुंचा। इस दौरान बदमाश मारुति वैन लेकर वहां से भाग निकले। हालांकि पुलिस को उसकी कहानी पर विश्वास नहीं हुआ लेकिन उसके सकुशल लौट आने पर परिजनों के साथ ही खाकी ने भी राहत की सांस ली।
मंगलवार की सुबह लगभग सात बजे सुनील चौहान निवासी झकड़ी तहसील हसनपुर अपने रिश्तेदारों के संग थाने आ पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि रविवार को तिगरी में जब वह स्नान करने जा रहा था तो उसे मिले एक साधु ने कहा कि उसकी लकड़ी गिर गई है। इसे उठाकर सामने खड़ी मारुति वैन में रख दो। उसने लकड़ी को उठाया और पास ही खड़ी मारुति वैन में रखने लगा। सुनील के मुताबिक मारुति वैन में पहले से ही दो साधु वेशधारी सवार थे। अचानक ही उन्होंने उसके मुंह पर रुमाल डालकर उसे बेहोश कर दिया और उसके हाथ पैर बांधकर गाड़ी में ही डाल दिया रविवार को पूरे दिन उसे गाड़ी में ही रखा गया। मंगलवार की तड़के लगभग तीन बजे वे उसे लेकर मुरादाबाद की दिशा में कहीं जा रहे थे। रास्ते में जोया पुलिस चौकी के निकट उनकी मारुति वैन खराब हो गई। वे नीचे उतर कर उसे सही करने लगे। इसी दौरान सुनील ने मौका देखकर अपने हाथ की रस्सी खोल ली और वहां से भागकर एक घर में जा पहुंचा। वहां जाकर बताया कि कुछ लोग उसे पकड़कर ले जा रहे हैं, उसकी मदद करें। इस पर लोगों ने शोर मचा दिया तो आरोपी मारुति वैन में बैठकर फरार हो गए। इसके बाद सुनील जोया चौकी जा पहुंचा और घटनाक्रम की जानकारी दी। वहां आए परिजन उसे सुबह सवेरे यहां थाने लेकर आ गए। हालांकि हलके के दरोगा राजेंद्र सिंह ने बताया कि सुनील पारिवारिक तनाव के चलते ही अपनी मर्जी से कहीं गया था और अब लौट आया। अगवा करने की स्क्रिप्ट समझ से परे है। बता दें कि नौ फरवरी रविवार को माघ पूर्णिमा पर गांव झकड़ी तहसील हसनपुर निवासी सुनील चौहान अपनी मां शारदा देवी और पांच वर्षीय भतीजे निशांत के साथ गंगा में स्नान को तिगरी आया था। उसकी मां ने यह कहते हुए शोर मचा दिया था कि लगभग दो घंटे पहले सुनील गहरे पानी में समा गया है। इसके बाद गोताखोर उसकी तलाश में जुट गए लेकिन अगले दिन सोमवार की देर शाम तक भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।