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गोशाला में पशुओं की भरमार, हरे चारे की दरकार

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गंगेश्वरी ब्लाक के सांथलपुर गोशाला में पशु - फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। प्रदेश के महाराजगंज जिले में गोसंरक्षण घोटाले का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मचा है। बावजूद इसके अमरोहा जिले की गोशालाओं की स्थिति भी बेहद खराब है। जिले में स्थायी और अस्थायी 23 गोशाला हैं। जहां तकरीबन 662 गोवंशी पशु रखे गए हैं। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने इन स्थायी और अस्थायी गोशालाओं का जायजा लिया। आदमपुर के सांथलपुर गोशाला नौ गोवंशीय पशु आंकड़ों से अधिक पाए गए। यहां 139 गोवंशी पशु मिले। वहीं चार दिन पहले एसडीएम के निरीक्षण में अमरोहा नगर की अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल एक पशु कम मिला था। मंगलवार को यहां का आंकड़ा बराबर मिला। यहां कुल 13 पशु मिले। खास बात यह है कि ज्यादातर गोशालाओं में पशुओं के लिए हरे चारे की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं मिली। भूसा जरूर पड़ा मिला, लेकिन हरा चारा गायब था। पशुओं को हरे चारे की दरकार है।
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सुबह 11 बजे: सांथलपुर गोशाला
ढबारसी। आदमपुर क्षेत्र के सांथलपुर गांव गोशाला है। यहां बड़ा गड़बड़झाला मिला। इस गोशाला की क्षमता 250 पशुओं की है। मंगलवार को यहां 130 पशु पंजीकृत मिले। गोशाला में 139 पशु मौजूद थे। खास बात यह है कि जब इन पशुओं को गोशाला में रखा गया है तो उन्हें रिकार्ड में क्यों नहीं दर्ज किया गया। जो किसी बड़े गड़बड़झाले की ओर इशारा कर रहा है।
सुबह 11.30 फरीदपुर इम्मा, अस्थायी गोशाला
नौगांवा सादात। नौगांवा के फरीदपुर इम्मा की अस्थायी गोशाला स्थल है। यहां मंगलवार को 18 पशु पंजीकृत पाए गए। मौके पर भी उतने ही पशुओं की गिनती की गई। पशुओं के भूसा और हरे चारे की मुकम्मल व्यवस्था मिली। सभी पशु टीनशेड के नीचे बंधे हुए थे। वहां मौजूद कर्मचारी पशुओं को चारा डालता मिला। फरीदपुर इम्मा की गोशाला में सबकुछ ठीक पाया गया।
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दोपह 12.15 अमरोहा अस्थायी गोवंश आश्रय
अमरोहा। आवारा गोवंशीय पशुओं के लिए नगर के कांठ रोड पर अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल बनाया गया है। यहां 14 अक्तूबर को 12 पशु अंकित पाए गए थे। मंगलवार को भी पशुओं का यह आंकड़ा पूरा मिला। पशुओं के लिए खाने-पीने की कोई खास व्यवस्था नहीं थी। यहां मौजूद कर्मचारी भूसा और हरा चारा होने की बात तो कही, लेकिन पशुओं के आगे कुछ नहीं था। खास बात यह है चार दिन पहले एसडीएम के निरीक्षण में यहां के अभिलेखों में 13 पशु अंकित थे जबकि मौके पर 12 मिले। यहां पर एक पशु गायब मिला था।
गोशाला निरीक्षण लाइव समय दोपहर 1.10 बजे
मंडी धनौरा। महाराजगंज जनपद में गोशाला में हुए घोटाले के बाद अमर उजाला द्वारा नगर की गोशाला का लाइव निरीक्षण किया। दोपहर एक बजकर 10 बजे जब यह संवाददाता ग्राम शाहबाजपुर रोड स्थित गोशाला पहुचा तब वहां मौजूद सभी 78 गाय, सांड व बछड़े मौजूद पाए गए। वहां मौजूद एक कर्मचारी ने बताया कि गोशाला में कुल 130 पशु पंजीकृत थे। आठ की मौत हो गई जबकि 44 गोवंशीय पशुओं को वितरित कर दिया गया। अब वहां सभी 78 गोवंशीय पशु मौजूद पाए गए। हालांकि वहां पर पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था नजर नहीं आई। मौजूद कर्मचारी का कहना था कि हरा चारा शाम के समय दिया जाता है। पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था ठीक थी। चार दिन चारा काटने की मशीन खराब रही थी लेकिन वह ठीक करा दी गई है। नगर पालिका के एक लिपिक का कहना था कि सरकार से गोशाला के लिए जुलाई के बाद से कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। इस वजह से भी पशुओं के भोजन में थोड़ी परेशानी हो रही है।
कहीं संतोषजनक व्यवस्था तो कहीं बदहाल मिले आश्रय स्थल
हसनपुर। अल्लीपुर खादर गोशाला में पशुओं के देखरेख एवं संरक्षण की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान अनिल कुमार पर ही है। यहां सब ठीक मिला। गांव फूलपुर बीझलपुर में स्थित गोशाला में 31 पशु दर्ज हैं, मौके पर तीन पशु अधिक हैं। हरे चारे की व्यवस्था ठीक नहीं है। मंगलवार को पशुओं को यहां भी भूसे में मिलाकर हरा चारा खिलाया गया। यहां पर एक पशु बीमार है जिसका चिकित्सकों की टीम ने पहुंचकर उपचार किया। ग्राम प्रधान पुत्र मनोज कुमार का कहना है कि यहां पर सप्ताह में प्रत्येक दिन एक अलग सफाई कर्मचारी की ड्यूटी रहती है। वह जिम्मेदारी से ड्यूटी नहीं करते। उनके नहीं आने पर स्वयं ही साफ-सफाई एवं चारा पानी की व्यवस्था कराई जाती है। एसडीएम उद्भव त्रिपाठी का कहना है कि क्षेत्र में गोशाला एवं अस्थाई आश्रय स्थलों पर निरंतर नजर रखी जा रही है। हरा-चारा एवं रहन सहन की व्यवस्था में कोई कमी नहीं है। यदि कहीं पर कोई परेशानी है तो उसकी जांच कराकर समस्या का निराकरण कराया जाएगा।
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