गजरौला (अमरोहा)। गंगाधाम तिगरी में कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारियां तेजी से परवान चढ़ रही हैं। पहली बार ऐसा हो रहा है कि मेले में अभी काफी समय होने के बावजूद न केवल घाट पर वाच टावर (मचान) बनने शुरू हो गए हैं बल्कि अस्थाई सड़कों का जाल भी तेजी से बिछाया जा रहा है। किसान भी पुलिस-प्रशासन और जिला पंचायत के मददगार बन अपनी-अपनी फसलें तेजी से काटने में लगे हुए हैं। वहीं एसडीएम मांगेराम चौहान के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता चौधरी भी वहां चल रहे कार्य की लगातार मानीटरिंग कर रहे हैं।
मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पति भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह गंगाधाम तिगरी पहुंचे। उन्होंने वहां मेला स्थल पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया। मौके पर फसलें काट रहे किसानों से भी बातचीत की। किसानों ने भी भरोसा दिलाया कि उनकी वजह से तैयारियों में कोई बाधा नहीं आएगी। वहीं भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह ने वहां अस्थाई सड़क बना रहे और अन्य कार्य करा रहे ठेकेदारों को बुलाकर कार्य प्रगति की जानकारी हासिल की। साथ ही निर्देश दिए कि जल्द से जल्द काम निपटाएं। 24 अक्तूबर तक हर हालत में मेले के अंतिम छोर तक अस्थाई सड़कों का जाल बिछ जाना चाहिए। उन्होंने गंगा का कटान भी देखा। साथ ही वहां काम कर रहे लोगों से कहा कि लापरवाही नहीं बरतें। अस्थाई सड़कों पर जरा भी धूल उड़ती दिखाई दी तो भुगतान रोक दिया जाएगा। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य अभियंता भगवतसरन शर्मा, जेई मेघ सिंह, जिला पंचायत सदस्य महेश प्रधान, सोनू गूर्जर, पिंटू धारीवाल, हैप्पी प्रधान, नागेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, महाराज सिंह, सुभाष सिंह आदि रहे।
कुमराला चौकी से तिगरी तक लगेंगी लाइटें
गजरौला। पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि कुमराला पुलिस चौकी से तिगरी गांव में शिव मूर्ति तिराहे तक सड़क किनारे खड़े खंभों पर लाइटें लगाई जाएंगी। इससे लगभग छह किलोमीटर की दूरी तक रहने वाले अंधेरे से निजात मिलेगी और पैदल आने वाले श्रद्धालुओं को भी तकलीफ नहीं होगी। जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने बताया कि इसके लिए बिजली विभाग के एक्सईएन और पालिका को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस चौकी से गांव तक सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों पर तीन-तीन खंभे छोड़कर लाइट लगवाई जाए ताकि मेला मार्ग पूरी तरह रोशन हो सके। वहीं एक्सईएन हरीश चौधरी ने बताया कि इस संबंध में पालिका के ईओ से शीघ्र वार्ता की जाएगी।
कहीं कमजोर सड़कें न बिगाड़ दें सारा खेल
गजरौला। गंगाधाम तिगरी में लगने वाले मेला औसतन पांच-छह किलोमीटर जगह घेरता है। पूरा मेला गंगा की रेती और फसलों वाले स्थान पर ही लगता है। पहली बार ऐसा हो रहा है कि मेले के आयोजन को लेकर गंभीर प्रशासन समय से पूर्व तैयारियां करा रहा है। क्योंकि ऐन वक्त पर ठेकेदार भी हाथ खड़े कर देते हैं और मेला अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ जाता है। मेले में सबसे महत्वपूर्ण होती हैं अस्थाई सड़कें। हर बार अधिकांश सड़कें मेला शुरू होने से पहले ही खराब हो जाती हैं। वहां उड़ने वाली धूल लोगों की सांसों में घुलकर बीमारी का सबब बन जाती है। यदि इन पर शुरू से लेकर अंत तक लगातार पानी के टैंकरों से छिड़काव कराया जाता रहे तभी यह सुरक्षित रह सकती हैं। इसलिए इनका मजबूत बनना जरूरी है।