अमरोहा। कुछ लोगों ने अतरासी चौराहा स्थिति प्राचीन शिव मंदिर के चारों तरफ खाली पड़ी जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा करके उसमें दुकान बनाकर बेचने का प्रयास शुरू कर दिया। मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक की शिकायत पर न्यायालय ने सभी पांच आरोपियों को तलब कर लिया है। मामले की सुनवाई 22 मार्च को होगी।
अहमदपुर देवपुरा गांव में रहने वाले हेम सिंह ने अपनी कुछ जमीन मंदिर बनवाने के लिए महंत बाबा संतदास उदासीन को सौंपी थी। बाबा ने वर्ष 1959 में प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण कराया। 29 अक्तूबर 1996 तक बाबा संतदास उदासीन मंदिर की समस्त देखभाल करते रहे। बाद में उन्होंने समाधि ले ली। इसके बाद से गांव के लोग आपस में मिलकर मंदिर की देखभाल, जीर्णोद्धार, विकास और साफ सफाई करते रहे। मंदिर के देखभाल के लिए प्राचीन शिव मंदिर ट्रस्ट अहमदपुर देवीपुरा के नाम से रजिस्टर्ड कर लिया गया। वर्तमान में इस ट्रस्ट के अध्यक्ष गांव के ही रहने वाले आसाराम और प्रबंधक इंद्रजीत सिंह हैं। ट्रस्ट में कुल 27 सदस्य हैं, जो इसके संस्थापक सदस्य हैं।
मंदिर गाटा संख्या 13 की भूमि में स्थित है। राजस्व अभिलेखों में भी मंदिर दर्ज है। मंदिर ट्रस्ट का एक बैंक खाता भी खुला हुआ है। लेकिन कुछ लोग मंदिर की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करना चाहते हैं। मंदिर के चारों ओर की खाली जमीन में दुकानें बनाकर उन्हें बेचने की तैयारी में है। 26 फरवरी 2024 को आरोपियों ने गलत तरीके से मंदिर के चारों ओर की खाली पड़ी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने की कोशिश की।
दुकानों का निर्माण करने के लिए निशान लगाने की कोशिश की। इस मामले की शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा मंदिर के प्रबंधक इंद्रजीत सिंह ने न्यायालय की शरण ली। प्रकरण को गंभीरता से लेकर सिविल जज ने आरोपियों को न्यायालय में तलब किया है। मंदिर ट्रस्ट के अधिवक्ता प्रवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी। न्यायालय की ओर से पांचों आरोपियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।