अमरोहा। विवाहिता के हत्या के मामले में न्यायालय ने पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी जेल में बंद था, उसे जमानत नहीं मिली थी। साक्ष्य और सबूत के अभाव में न्यायालय ने दहेज उत्पीड़न के आरोप को खारिज कर केवल हत्या में दोषी पाया है।
हत्या की यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के रहरा गांव की है। संभल के बहजोई थानाक्षेत्र के गांव आनंदपुर निवासी राजकुमार ने अपनी बहन भगवान देई की शादी चार फरवरी 2010 को रहरा गांव निवासी पंकज के साथ की थी। शादी में रीति रिवाज के अनुसार उपहार स्वरूप दान-दहेज दिया गया। शादी के बाद पति पंकज और अन्य ससुरालिया दहेज से खुश नहीं थे। उन्होंने भगवान देई को दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं ससुरालियों का अत्याचार दिन प्रतिदिन बढ़ता चला गया। वह भगवान देई के साथ मारपीट करते थे। जिसे लेकर कई बार पंचायत हुई, बावजूद इसके ससुरालियों का अत्याचार कम नहीं हुआ। इसके बाद दहेज का विरोध करने पर ससुरालियों ने रस्सी का फंदा डालकर भगवानदेई की गला दबाकर हत्या कर दी थी। भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति पंकज समेत छह ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने पांच लोगों को नाम निकाल दिए। आरोपी पति पंकज को जेल भेज दिया था। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) प्रथम उमेश कुमार द्वितीय की अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता चौधरी संजीव कुमार ने जोरदार पैरवी की। सबूत और साक्ष्यों के अभाव में दहेज उत्पीड़न का आरोप न्यायालय ने खारिज कर दिया। अदालत ने विवाहिता के पति पंकज को हत्या का दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।