मोहरका पट्टी में बासी मीट खाकर बिगड़ी दंपती की हालत
- गुरुवार को वलीमे की दावत से पैक्ड कराकर लाए थे काली पॉलिथीन में
संवाद न्यूज एजेंसी
गजरौला। गांव मोहरका पट्टी में वलीमे की दावत से लाया गया काली पॉलिथीन में रखा बासी मीट खाकर दंपती की हालत बिगड़ गई। लगातार उल्टियां होने पर पड़ोसियों को इसकी जानकारी हुई। बाद में उन्हें गजरौला में एक निजी चिकित्सक के यहां लाया गया। हालत में सुधार होने पर परिजन साथ लेकर लौट गए।
मामला ब्लाक के गांव मोहरका पट्टी का है। यहां रहने वाले एक दंपती की हालत शुक्रवार की रात साढ़े 12 बजे अचानक बिगड़ गई। दोनों काफी जोर-जोर से उल्टियां कर रहे थे। रात में पड़ोस के घर से लगातार उल्टी और कराहनें की आवाजें आने पर पड़ोसी जाग गए। वहां जाकर देखा तो दोनों जमीन पर पड़े तेज-तेज सांसे ले रहे थे। घबराकर पड़ोसी उन्हें यहां मंडी धनौरा मार्ग पर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में ले आए। यहां स्टाफ ने उनका उपचार किया। बताया कि फूड प्वाइजनिंग से उनकी हालत खराब हो गए थी। बताते हैं कि दोनों गुरुवार को अपनी रिश्तेदारी में निकाह में गए थे। वहां वलीमे की दावत में मीट परोसा गया। लौटते समय दोनों वहां से बचा हुआ मीट काले रंग की पॉलिथीन में रखवा लाए। गांव लौटने पर शुक्रवार की रात को मीट गर्म करके खा लिया। बासी मीट खाकर ही दोनों की हालत बिगड़ गई। गनीमत रही कि पड़ोसी दोनों को समय पर चिकित्सक के पास ले आए वरना दोनों की जान भी जा सकती थी।
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तेजी से बदल रहा है मौसम, बासी भोजन से करें परहेज
गजरौला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि इन दिनों मौसम परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में बासी भोजन का परहेज करने से बचें। खुले में बिकने वाली खाद्य वस्तुओं को न खाएं। फास्टफूड खाने से भी बचें। उन्होंने बताया कि स्वाद के लालच में लोग खासकर युवा पीढ़ी और बच्चे अपने जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। बाजारों में बिकने वाले अधिकांश खाद्य वस्तुएं सेहत के लिए काफी हानिकारक हैं। कहा कि रसोई में उतना ही भोजन पकाएं जितना कि एक समय में समाप्त हो जाए। फ्रिज में रखे हुए आटे और भोजन से भी बीमारी हो सकती हैं।
नोट: सर जी यह खबर संभवत: किसी के पास नहीं है। बड़ी करके लगा लीजिए।