अमरोहा। सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आने पर कोरोना आशंकित मरीज रविवार को घर लौट गया। 48 घंटे वह जिला अस्पताल परिसर में बने आइसोलेशन वार्ड में रहा। इस दौरान उसकी देखभाल के लिए युवक का छोटा भाई लगा रहा। हालांकि सर्विलांस टीम अभी चौदह दिनों तक उसकी निगरानी करेगी।
सऊदी अरब की एक कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी करने वाला जिले का युवक दो मार्च को अपने गांव लौटा था। दस मार्च को उसे बुखार, खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी होने लगी। गांव में इलाज कराने पर ठीक नहीं हुआ तो वह शुक्रवार को अपने छोटे भाई के साथ जिला अस्पताल पहुंचा। स्वास्थ्य परीक्षण में कोरोना से मिलते जुलते लक्षण और सऊदी अरब से लौटने पर डाक्टर ने कोरोना की आशंका जताई। इसके बाद सुबह 11.30 बजे युवक को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया। वहीं सेहत महकमे में हड़कंप मच गया। आननफानन में डाक्टरों की टीम ने युवक के दो सैंपल लिए। जिसे जांच के लिए शनिवार सुबह अलीगढ़ भेज दिया गया। जहां से नौ घंटे में उसकी निगेटिव रिपोर्ट आ गई। युवक की सेहत की जांच कर 48 घंटे बाद रविवार सुबह करीब पौने बारह बजे उसे आइसोलेशन वार्ड से डिस्चार्ज कर दिया गया। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि आशंकित मरीज की सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आने बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
दिल्ली में नहीं हुई जांच तो खुद बरती एहतियात
रजबपुर। युवक सऊदी अरब से दो मार्च को अपने गांव लौटा था। वह वाया कुवैत दिल्ली पहुंचा था। इस दौरान दुबई और कुवैत में उसकी जांच की गई थी। युवक के छोटे भाई के मुताबिक दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर उसके भाई की कोई जांच नहीं की गई। वह एयरपोर्ट से निकलकर गांव चला गया। तबीयत बिगड़ने और दिल्ली में कोई जांच नहीं होने पर उसे कुछ शक हुआ। उसने खुद एहतियात बरती। इसके बाद वह अस्पताल पहुंच गया।
दो दिन बाद पहुंचा घर तो छलक आए आंसू
रजबपुर। दो दिन जिला अस्पताल बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती रहा युवक रविवार को अपने घर पहुंचा। वह दो दिनों तक कोरोना वायरस की दहशत में रहा। घर अपनों के बीच पहुंचकर उसकी आंखें छलक आई। बच्चों को गले से लगा लिया।
दहशत इतनी कि स्टाफ आने से कतरा रहा था
रजबपुर। सऊदी अरब से लौटे युवक के भाई ने बताया कि भाई को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया। भाई से किसी को मिलने नहीं दिया गया। कोरोना को लेकर दहशत इतनी थी कि स्टाफ भी अंदर आने से कतरा रहा था। पूरी बिल्डिंग में दोनों भाई दो दिन तक अकेले रहे। स्टाफ बाहर गेट पर ही छोटे भाई को खाने पीने का सामान और दवा देते थे।
बड़ी मुश्किल से मां-बाप को मिलने दिया
रजबपुर। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती युवक को किसी से मिलने पर पाबंदी थी। युवक परिवार के लोग उससे मिलने के लिए परेशान थे। काफी मिन्नत करने पर बड़ी मुश्किल से युवक के मां बाप उससे मिल पाए