अमरोहा। होली इस बार देशी रंगों और पिचकारियों से ही खेला जाएगा। चीन में फैले कोरोना वायरस की दहशत की मार होली के आइटमों पर पड़ी है। चाइनीज उत्पाद भारतीय बाजार में नहीं पहुंच रहा है। इसलिए बाजार से अधिकतर चाइनीज सामान गायब हो गया है। इसका सीधा असर उसके दामों पर पड़ा है। दुकानदारों के अनुसार इस बार होली के सामान के दामों की कीमत में करीब 20 फीसदी की वृद्धि हुई है।
पिछले कुछ वर्षों से भारतीय त्योहारों पर बाजार में चीनी सामान की पकड़ गहरी हो गई है। त्योहार पर बाजार चायनीज सामानों से पटे रहते हैं। सस्ता और अधिक आकर्षक होने के नाते चाइनीज सामान की खरीदारी भी खूब की जाती है। होली पर विभिन्न आकारों की चायनीज पिचकारियों, रंग आदि की बिक्री जमकर होती थी। इस बार चीन में फैले कोरोना वायरस का असर चाइनीज सामान पर पड़ा है। चाइनीज उत्पाद पर रोक लगने के बाद इस बार बाजार में स्वदेशी पिचकारियों और रंगों की भरमार दिखाई दे रही है। 10 मार्च को होली का पर्व है। जिसे लेकर बाजार में कचरी-पापड़ और पिचकारियों की दुकानें सजने लगी हैं। रंग विक्रेता कुलभूषण के मुताबिक पिछले सालों में होली से पूर्व चाइनीज पिचकारी, कलर स्प्रे, मुखौटे आदि बिकते थे। लोग जहां सस्ता और आकर्षक होने के चलते इनकी जमकर खरीदारी करते थे। इतना ही नहीं दुकानदार भी इन चाइनीज सामानों को बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। इस बार कोरोना वायरस के खौफ के कारण होली के चाइनीज सामान बाजार से पूरी तरह गायब हो गए हैं। इस बार देशी रंगों और पिचकारियों से होली खेली जाएगी। चाइनीज सामान बाजार में नहीं होने के कारण आइटमों पर 20 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस समय दुकानों पर पिचकारी की कीमत पंद्रह रुपये से पांच सौ रुपये तक की है। जैसे-जैसे होली का पर्व नजदीक आएगा। वैसे-वैसे होली के आइटमों पर महंगाई बढ़ सकती है।
एक नजर बाजार में होली के आइटम के दामों पर नजर
पिचकारी: 15 से 500 रुपये तक
मुखौटे: 15 से 150 रुपये तक
रंग बिरंगी पगड़ी: 30 से 80 रुपये तक
रंग की डिब्बी: पांच से 130 रुपये तक
हर्बल गुलाल: 20 से 30 रुपये पीस
हर्बल रंग: 150 से 180 रुपये पैकेट
स्प्रे: 30 से 100 रुपये तक
वॉटर बैलून: 40 से 60 रुपये पैकेट
गुलाल फॉग: 20 से 30 रुपये का पीस
नोट:- यह सभी रेट पिछले सालों के मुकाबले 20 फीसदी अधिक हैं