श्री वैंक्टेश्वरा हास्पिटल में कोरोना के मरीजों के लिए तैयार आइसोलेलशन वार्ड।
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मंडी धनौरा (अमरोहा)। कोरोना वायरस का खौफ पूरी दुनिया के सिर चढ़ कर बोल रहा है। लोग इससे बचने के लिए घरों में कैद हो रहे हैं। मजबूरी में ही घर पर रह रहे हैं। इस खौफ के चलते ही तीन साल बाद अमेरिका से अपने परिजनों से मिलने आ रहे एक बिटिया को अपना कार्यक्रम रद करना पड़ा। बिटिया के आने की खुशी से फूले नहीं समा रहे माता-पिता कार्यक्रम रद् करने से बेहद निराश और उदास हैं।
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल की बेटी प्राक्षु अग्रवाल अपने पति के साथ अमेरिका के डेनवर में रहती है। पति राहुल अग्रवाल एक अमेरिकी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। प्राक्षु तीन साल पहले हिंदुस्तान आई थी। हिंदुस्तान आए काफी अरसा बीत जाने की वजह से प्राक्षु ने इस साल घर आने का प्रोग्राम बनाया था। जनवरी में ही भारत आने के लिए प्लेन की टिकट बुक करा दी थी। उनकी दो मई की फ्लाइट थी। इसी बीच कोरोना का खौफ चीन से होता हुआ पूरी दुनिया में फैल गया। अमेरिका में भी इसके डर से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया गया। अमेरिका ने अपने यहां आने वाले तमाम देशों के लोगों पर पाबंदी लगा दी। प्राक्षु के पिता प्रदीप अग्रवाल बताते हैं कि उसे चार हफ्ते भारत में रहना था। उसके बाद वापसी थी। कोरोना वायरस का प्रभाव कब तक रहेगा। इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। कहीं अमेरिकी प्रशासन वापसी आने पर पाबंदी न लगा दें। इसी डर के चलते बेटी और दामाद को अपना स्वेदश आने का कार्यक्रम रद करना पड़ा। फिलहाल वे अपनी बेटी से व्हाटसअप काल के जरिए ही बात कर संतुष्ट हैं।