अमरोहा। अपहरण कर नाबालिग दो सहेलियों से दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने दोषी को 12 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 38 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने जुर्माना की आधी धनराशि पीड़िताओं को सौंपने के निर्देश दिए हैं। गिरफ्तारी के बाद से मुख्य आरोपी जेल में बंद है, जबकि उसके एक साथी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
यह घटना गजरौला थानाक्षेत्र एक गांव में हुई थी। यहां पर किसान का परिवार रहता है। 20 जनवरी 2018 की दोपहर अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के अहरोई गांव निवासी नईम किसान की बहन और उसकी सहेली को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया। परिजनों ने दोनों किशोरियों को काफी तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा था। चश्मदीद ने नईम पर अपने साथ के साथ अपहरण कर ले जाने की बात बताई थी। तभी किसान ने अगले दिन 22 जनवरी को आरोपी नईम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने 12 फरवरी 2018 को आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों सहेलियों को बरामद कर लिया था। इस दौरान सहेलियों ने आरोपी नईम पर दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया था। बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने अपहरण के मुकदमे में दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। तभी से नईम जेल में बंद है। जबकि उसका साथी जमानत पर बाहर था।
यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। शुक्रवार को अदालत ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने जोरदार पैरवी की। न्यायालय ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी नईम को दोषी करार दिया और 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 38 रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया है।