अमरोहा। शहर के मोहल्ला मजापोता में मरहूम सैय्यद ताज अख्तर के चेहल्लुम के मौके पर आयोजित मजलिस में प्रख्यात विद्वान मौलाना जावेद आबिदी ने हजरत अली की शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इमामों की जिंदगी किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है।
इमामबाड़े में आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना ने कहा कि वर्तमान समय में हजरत अली के आदर्शों को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि हजरत अली ने हमेशा न्याय और सत्य का साथ दिया तथा कमजोरों की मदद को प्राथमिकता दी। मौलाना जावेद आबिदी ने कर्बला की कुर्बानी और अहले-बैत के सब्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमें कठिन परिस्थितियों में भी अडिग रहने की प्रेरणा देता है। मजलिस का आगाज सैय्यद सिब्ते सज्जाद नकवी ने सोजख्वानी से किया।
इसके बाद मौलाना ने मसाएब-ए-अहले-बैत और कर्बला में हजरत अब्बास की शहादत का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। अंत में मरहूम सैय्यद ताज अख्तर की मगफिरत के लिए दुआ की गई। इस दौरान प्रोफेसर नाशिर नकवी, पैगंबर नकवी, सैय्यद वसीम हैदर नकवी, नवाब मुराद अली खान, रजा तहसीन, सैय्यद महबूब जैदी, विकारुल हसनैन खान, आबाद हुसैन, हकीम हामिद अली, इस्तेजाब जैदी मौजूद रहे।