नौगावां सादात। ईरान में बिगड़े हालात के बीच जिले के कुछ लोग वहां से वापसी नहीं कर पा रहे हैं। ये लोग वहां दीनी तालीम देने या मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए थे। माहौल बिगड़ता देख मेडिकल के विद्यार्थियों की तो समय से वतन वापसी हो गई लेकिन दीनी तालीम से जुड़े लोग वहीं फंस गए। यहां मौजूद उनके परिजन अपनों के लिए फिक्रमंद हैं। सलामती से अपने देश वापसी के लिए दुआएं कर रहे हैं।
ईरान में अटकने वाले ज्यादातर लोग नौगावां सादात इलाके के हैं। कस्बे के लोगों ने बताया कि यहां से ईरान जाकर दीनी तालीम देने वाले धर्म गुरु स्तर के लोग वहां के बिगड़े माहौल में फंस गए हैं। ये परिवार समेत वहां काफी समय से रह रहे हैं। इस तरह के करीब सात-आठ परिवार हैं, जबकि कुल सदस्यों की संख्या 10 से ज्यादा होने का अनुमान है।
कस्बे के जिम्मेदार लोगों ने इनके नाम मौलाना आमिर, मौलाना आतिफ, मौलाना नईम अब्बास, मौलाना रूह उल्ला, मौलाना आसिफ और मौलाना सैय्यद अहमद शम्स बताए। कहा कि ये सपरिवार वहां से निकल नहीं पा रहे हैं। इस बीच वहां इंटनेट सेवा ठप हो जाने से इनसे फोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
इसके चलते नौगावां में रहने वाले संबंधित परिवारों की चिंता बढ़ गई है। परिजन उनकी सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। साथ ही अपने देश की सरकार से प्रभावित लोगों की वतन वापसी में सहयोग की उम्मीद लगाए हैं।
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हालात भांप लेने से मेडिकल छात्रों की हो गई थी वापसी
नौगावां के लोगों ने बताया कि क्षेत्र के कुछ युवा ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें मेडिकल के विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा है। इस्राइल और अमेरिका के कुछ समय पूर्व के रुख को भांपकर ये विद्यार्थी युद्ध से पहले ही घर लौट आए थे।
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