जोया में मुजीबुर्रहमान दिल्ली-मुरादाबाद रोड स्थित हश्मत उल्लाह मार्केट में न्यू फैसल रेडीमेड स्टोर के नाम से रेडीमेड कपड़ों का व्यापार करते हैं। उनका सिंडिकेट बैंक की शाखा में खाता था, जो बाद में कैनरा बैंक में विलय हो गई थी। जरूरत के लिए उन्होंने इसी बैंक में अपना एक लिमिट एकाउंट भी खोल रखा था। शर्ते पूरी करने के बाद रेडीमेड स्टोर का स्टॉक बंधक बनाकर बैंक से ऋण लिया था।
इसके साथ ही 15 जून 2020 को मुजीबुर्रहमान ने एहतियातन अपने स्टॉक को बंधक बनाकर यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से 18 लाख रुपये का बीमा कराया था। इसकी प्रीमियम की धनराशि 6431 रुपये जमा की थी। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही इंश्योरेंस कंपनी ने स्टॉक का सर्वे कर उन्हें शॉपकीपर पॉलिसी जारी की थी। स्टॉक का बीमा 16 जून 2020 से 15 जून 2021 तक वैध था। लेकिन, 15 जनवरी 2021 को शार्ट सर्किट होने के कारण रेडीमेड स्टोर में आग लग गई। जिसमें 29 लाख 25 हजार 474 रुपये की कीमत का नुकसान हुआ। जांच करने पहुंचे इंश्योरेंस कंपनी के सर्वेयर व निरीक्षक को मुजीबुर्रहमान ने बीमा क्लेम से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए। लेकिन कंपनी अधिकारियों ने आग लगने का स्थान पॉलिसी में कवर नहीं होने का कारण बताकर उनका क्लेम निरस्त कर दिया। परेशान होकर मुजीबुर्रहमान ने न्यायालय स्थाई लोक अदालत की शरण ली थी। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद बुधवार को अध्यक्ष ओमवीर, सदस्य सिराज अहमद व मोहम्मद मतीन ने क्लेम से जुड़ी इस याचिका पर अपना फैसला सुनाया है।