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Amroha News: फैक्टरी के सुपरवाइजर की हत्या कर शव को छिपाने में पांच दोषी, सजा पर सुनवाई आज

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अमरोहा।
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फैक्टरी के सुपरवाइजर की हत्या कर शव को छिपाने के मामले में न्यायालय ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय का फैसला आने के बाद सभी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। सजा पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
बिहार के बक्सर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के रौनी गांव निवासी अमरेंद्र कुमार गजरौला की एक फैक्टरी में सुपरवाइजर के पद पर तैनात थे। वह गजरौला में पत्नी पूजा व तीन बच्चों के साथ रहते थे। 15 अप्रैल 2011 को अमरेंद्र सिंह का शव क्षेत्र के मुरीदपुर अटारी निवासी रामसिंह के खेत में ट्यूबवेल के पास पड़ा मिला था। उनकी रस्सी से गला घोटकर हत्या की गई थी। मामले में मृतक पिता हीरालाल ने अमरेंद्र की पत्नी पूजा पर हत्या का शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
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पुलिस की जांच में नामजद पूजा की नामजदगी गलत पाई गई। जबकि, वाराणसी जिले में लकसा थाना क्षेत्र के नई सड़क सूरजकुंड निवासी अमित श्रीवास्तव, चंदौली जिले में छीना थाना क्षेत्र के बहोरा चंदेल निवासी हरिशंकर, अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र के कफूरपुर निवासी सरजीत, गजराज व गजरौला थाना क्षेत्र के वारसाबाद बाद निवासी दीपक गिरी के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में आरोपियों ने अमरेंद्र सिंह की मोगा होटल के पीछे पेड़ में रस्सी से लटका कर हत्या करने के बाद शव को ट्यूबवेल के पास छिपा दिया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
फिलहाल, सभी जमानत पर जेल से बाहर थे। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित द्वितीय ज्योति की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ठ पैरवी कर रहे थे। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्य व सबूतों के आधार पर आरोपी दीपक गिरी, गजराज, सरजीत, हरिशंकर, अमित श्रीवास्तव को दोषी करार दिया। बाद में सभी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार ने बताया कि हत्याकांड में शुक्रवार को सजा पर सुनवाई होगी।
इसलिए की थी अमरेंद्र सिंह की हत्या
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार ने बताया कि हत्याकांड से कुछ दिन पहले अमरेंद्र फैक्टरी में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात थे। इस दौरान फैक्टरी में 50 सीमेंट के कट्टे चोरी हुए थे। इस मामले में अमरेंद्र सिंह ने फैक्टरी में ही नौकरी करने वाले अमित श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से अमित श्रीवास्तव रंजिश रखने लगा था। इस संबंध में अमरेंद्र सिंह ने अपनी पत्नी पूजा को भी बताया था कि अमित श्रीवास्तव उसकी हत्या कर सकता है।
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अमित के कब्जे से बरामद हुआ था मोबाइल
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार ने बताया कि विवेचना के दौरान पुलिस ने सबसे पहले अमित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने अपने अन्य चारों साथियों के नाम बताए थे। इसके बाद पुलिस ने दीपक गिरी, गजराज, सरजीत और हरिशंकर को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने अमित श्रीवास्तव के कब्जे से मृतक अमरेंद्र सिंह का मोबाइल बरामद किया था। जबकि, हत्यारोपी गजराज के कब्जे से अमरेंद्र की साइकिल और वह रस्सी बरामद की थी जिसे उसका गला घोट गया था।
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