अमरोहा। जिला अस्पताल में सिटी स्कैन कराने के नाम पर मरीजों से अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद सीएमएस प्रेमा पंत त्रिपाठी ने कड़ी नाराजगी जताई है। सीटी स्कैन यूनिट से जुड़े कर्मचारी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही जिला अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों को भी नसीहत दी है। सीएमएस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी कर्मचारी अवैध वसूली के खेल में पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
सीएमएस ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि अभी तक किसी मरीज या तीमारदार की ओर से अवैध वसूली की शिकायत नहीं मिली है। सीटी के लिए डॉक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर के मामले में डॉक्टरों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। यूनिट के नोडल अधिकारी रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विजयपाल सिंह को भी इस संबंध में निर्देश दिए। जिससे आगे दोबारा पूर्ववर्ती ना हो सके। सभी डॉक्टरों को अपनी फार्म बुक को भी संभाल कर रखने के निर्देश दिए हैं।
एक रुपये के पर्चे पर होता है सीटी स्कैन
मालूम रहे कि जिला अस्पताल में एक रुपये के पर्चे पर गंभीर मरीजों की मुफ्त सीटी स्कैन करने की व्यवस्था है। इसका पूरा खर्च सरकार उठाती है। मरीजों को सीटी स्कैन की एडवाइज के लिए चिकित्सकों को अलग-अलग क्रमांक की फार्म बुक दी गई हैं। चिकित्सक ये फार्म भरकर उस पर अपने हस्ताक्षर करते हैं। इसके बाद नोडल अधिकारी से प्रमाणित कराने के बाद उनका सीटी स्कैन होता है।
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इस कंपनी से अनुबंध
जिला अस्पताल में मरीजों को मुफ्त सुविधा के लिए केरल की हिल लाइफकेयर लिमिटेड कंपनी से अनुबंध कर सीटी स्कैन की यूनिट स्थापित कराई गई है। कंपनी की तरफ से यूनिट में रिंकू सिंह को प्रबंधक बनाया गया है। जबकि रेडियोलाजिस्ट डाॅ. विजयपाल सिंह यूनिट के नोडल हैं।
इन मरीजों ने लगाया अवैध वसूली का आरोप
जिला अस्पताल में मरीजों के सीटी स्कैन कराने की आड़ में फर्जीवाड़ा का खेल सामने आया है। क्षय रोग अधिकारी डा. मुमताज अंसारी के हस्ताक्षर युक्त फार्म के आधार पर विद्यावती, सत्यप्रकाश, रजनी, स्मिता, लक्ष्मी के सीटी स्कैन किए जाने का मामला सामने आया है। मरीजों का आरोप है कि सीटी स्कैन कराने के लिए 800 से एक हजार रुपये तक वसूले गए। एक फार्म पर डाॅ. इकबाल हुसैन के भी फर्जी हस्ताक्षर से मरीज का सीटी स्कैन कराया गया है।