हसनपुर (अमरोहा)। गांव ओसामाफी निवासी महिला ने सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। जांच कराई तो पता चला कि डॉक्टरों ने महिला के पेट में कपड़ा छोड़ दिया है। छह माह में अलग-अलग अस्पतालों में महिला के चार ऑपरेशन कराए गए, तब जाकर उसकी हालत में सुधार आया। महिला के परिजनों ने सीएम पोर्टल पर मामले की शिकायत की है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव ओसामाफी निवासी योगेश कुमार ने करीब छह माह पहले प्रसव पीड़ा होने पर हसनपुर के रहरा बाइपास रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उसने सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान बच्ची को जन्म दिया। तीन दिन बाद अस्पताल से महिला को छुट्टी दे दी गई। घर पहुंचने पर महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। अल्ट्रासाउंड एवं रंगीन एक्स-रे कराने पर एक माह बाद उन्हें मालूम हुआ कि पेट में कपड़ा है। इसके बाद वह शिकायत लेकर उसी अस्पताल में पहुंचे तो अस्पताल संचालक ने कहा कि उपचार करा लो जो खर्चा होगा, वह दे देगा।
इसके बाद परिजनों ने मुरादाबाद के निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया और पेट से कपड़ा बाहर निकलवाया, लेकिन पूरा कपड़ा नहीं निकल सका। इसके बाद भी लगातार उपचार जारी रहा। एक माह बाद फिर तीसरी बार ऑपरेशन हुआ। इसके बाद महिला की आंतों में बुरी तरह से इन्फेक्शन हो गया तो परिजन मेरठ ले गए। करीब एक माह पहले मेरठ में चौथी बार आंतों का ऑपरेशन हुआ। तब से अबतक महिला का लगातार उपचार चल रहा है। परिजनों ने मामले की मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। सीएचसी के प्रभारी डा.ध्रवुेंद्र सिंह का कहना है कि मामला जानकारी में नहीं है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।