अमरोहा। दीपावली पर जमकर हुई आतिशबाजी से शहर की हवा बिगड़ गई है। दिवाली पर देर रात तक खूब पटाखे छोड़े गए जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हुई। सोमवार को प्रदूषण विभाग ने जिले का एक्यूआई 140 दर्ज किया। पिछले साल की तुलना में यह तीन अधिक रहा।
धनतेरस से पंच त्योहार की शुरुआत हो गई थी। इसी दिन से बाजार में आतिशबाजी की बिक्री भी शुरू हो गई। जिले में 14 स्थानों पर आतिशबाजी की बिक्री के लिए स्थान का निर्धारण किया गया था। दिवाली को देखते हुए आतिशबाजी की खूब बिक्री भी हुई। बच्चों के साथ-साथ युवाओं ने भी आतिशबाजी कर दिवाली का जश्न मनाया लेकिन आतिशबाजी के चलते धुएं के गुबार ने हवा की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर दिया।
प्रदूषण के चलते दमा के रोगियों के साथ-साथ स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी उमेश शुक्ला के अनुसार सोमवार को अमरोहा व गजरौला का एक्यूआई 140 दर्ज हुआ है जो पिछले साल दीपावली पर दर्ज किए गए एक्यूआई से तीन अधिक रहा। पिछले साल दिवाली पर एक्यूआई 137 दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के मुताबिक सामान्य तौर एक्यूआई का स्तर सौ से कम होने पर अच्छा माना जाता है।
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कलक्ट्रेट क्षेत्र में सबसे कम ध्वनि प्रदूषण
दीपावली के मौके पर आतिशबाजी कर खूब जश्न मनाया गया। प्रदूषण विभाग के अनुसार इस दौरान अमरोहा के आवास विकास में सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया। यहां 68.8 डेसिबल ध्वनि प्रदूषण दर्ज हुआ, जबकि बाजार कोट में 65.3, गजरौला में 62.3 डेसिबल दर्ज किया गया। सबसे कम प्रदूषण कलक्ट्रेट में दर्ज किया गया। यहां 48.6 डेसिबल ध्वनि प्रदूषण दर्ज हुआ।
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