फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अतिकुपोषितों के आंकड़ें में गुणात्मक कमी नहीं, शहर में बढ़ गए 51 बच्चें

विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। बच्चों को कुपोषण के दायरे से बाहर निकालने की कवायद बेमानी साबित हो रही है। जिले में 2,007 बच्चे अतिकुपोषित श्रेणी में हैं। एक महीने में महज 102 बच्चों की संख्या में कमी आ सकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि शहर में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में 51 की बढ़ोत्तरी हो गई हैं। जनवरी में यह संख्या 216 थी जबकि फरवरी के आंकड़े़ं 267 तक पहुंच गए हैं। कुपोषण से बाहर करने की कवायद में तेजी नहीं आई तो कुपोषण से शत-प्रतिशत बाहर आने में एक साल से अधिक का समय लग सकता है। इसके अलावा 9,215 बच्चे पीले श्रेणी में हैं। अफसरों का दावा है कि बच्चों की नियमित देखरेख की जा रही है।
विज्ञापन

बाल विकास और पुष्टाहार विभाग की ओर से शून्य से छह वर्ष तक के कुल 1,89,641 बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें कुल 1,49,792 बच्चे का स्वास्थ्य सही बताया जा रहा है। जबकि 11,222 बच्चों का सेहत मानक के अनुरुप नहीं है। इन बच्चों की देखरेख का जिम्मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायक का हैं। इनमें 9,215 बच्चे पीले श्रेणी में है यानी इनका वजन कम है। वहीं 2,007 बच्चे अतिकुपोषित हैं यानी इनका वजन और लंबाई दोनों कम है। इन बच्चों की लंबाई नापी और वजन किया जा रहा है। तमाम कोशिश के बावजूद कुपोषण की श्रेणी से बच्चे बाहर नहीं निकल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें