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Amroha News: कोर्स के बोझ और कई शुल्कों की वसूली में दबा बचपन

Sun, 29 Mar 2026 02:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। दाखिले के समय तीन महीने की अग्रिम फीस के अलावा किताब-कॉपी और अन्य शुल्कों के नाम पर भारी रकम वसूली जा रही है।
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अभिभावकों का आरोप है कि ज्यादातर स्कूल अपनी तय पब्लिकेशन की किताबें ही खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जो केवल चुनिंदा दुकानों या स्कूल परिसर में ही उपलब्ध होती हैं। इससे कीमतें अधिक हो जाती हैं और कमीशन का खेल भी सामने आता है।
एक अप्रैल से शिक्षा का नया सत्र शुरू होगा। इसके लिए अभी से ही स्कूलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर साल स्कूल प्रबंधन फीस, पंजीकरण और किताबों के दाम बढ़ाकर अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त भार डाल रहे हैं।
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सरकार की सख्ती के बावजूद निजी स्कूलों की मनमानी पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है, जिससे अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महंगे कोर्स की वजह से जेब पर बोझ पड़ता है। एक तो वैसे ही महंगाई है और ऊपर से बच्चों को पढ़ाना भी एक संघर्ष हो गया है। अच्छी शिक्षा के लिए माता-पिता अच्छा स्कूल देखते हैं लेकिन जब फीस और कोर्स की बात आती है तो बहुत से अभिभावक तो पीछे हट जाते हैं। हालांकि अभिभावकों का कहना है कि कोर्स खरीदने की छूट मिलनी चाहिए।
एक ही दुकान से कोर्स खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। इससे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब तो स्कूल संचालक पोशाक के लिए भी दुकान बताते हैं और सप्ताह में दो तरह की ड्रेस के लिए कहा जाता है। इन सबका अतिरिक्त बोझ लोगों की जेब पर पड़ रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस पर नियंत्रण रखना चाहिए। जिससे हर अभिभावक आसानी से अपने बच्चों को शिक्षा दिला सके। महंगे कोर्स पर रोक लगनी चाहिए।
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