अवैध वसूली की लगातार बढ़ रही शिकायतों को अफसरों ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने अपने सभी कर्मचारियों को पहचान पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। संविदा लाइनमैन व अन्य कर्मियों को ठेकेदार द्वारा पहचान पत्र दिया जाएगा। अफसरों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी उपभोक्ता के पास चेकिंग करने के लिए कोई व्यक्ति पहुंचता है तो उससे बेहिचक पहचान पत्र मांगें। न दिखाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शहरी क्षेत्र में बिजली कर्मचारी बनकर कुछ प्राइवेट लोग अवैध वसूली कर रहे हैं। इसकी शिकायत अफसरों तक पहुंच रही हैं। कुछ कर्मी भी उनके साथ संलिप्त हैं। यहां बता दें कि कुछ दिन पहले मोहल्ला बगला में कनेक्शन काटने के लिए कर्मचारियों को भेजा गया था, लेकिन वह चेकिंग का काम कर लोगों से वसूली में जुट गए थे। उपभोक्ताओं के कड़े विरोध की वजह से उनको मौके से जान बचाकर भागना पड़ा था। इस प्रकरण की एसडीओ ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
फर्जी व असली बिजली कर्मियों का पता अब उपभोक्ता आसानी से लगा सकेंगे, क्योंकि विभाग ने अपने कर्मचारियों को पहचान पत्र जारी करने का फैसला लिया है। अधिकारियों की मानें तो परमानेंट कर्मचारियों के पास पहचान पत्र हैं, जबकि संविदा कर्मियों को देने के लिए ठेकेदार से कहा गया है। उपभोक्ता भी फर्जी व असली कर्मी की शिनाख्त अवश्य करें। एफआईआर की धमकी से बिल्कुल न डरें, संबंधित से पहचान पत्र मांगे। यदि नहीं दिखाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।