अमरोहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले जेएस हिंदू पीजी कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। वोकेशनल परीक्षा के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया। बीए चौथे सेमेस्टर के 18 सौ बच्चों की परीक्षा गलत कराने का भी आरोप है। छात्रों का आक्रोश देख कॉलेज प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन को तीन दिन की मोहलत दी है। गलती में सुधार नहीं होने पर फिर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को विद्यार्थी परिषद के जिला संगठन मंत्री सुमित और जिला संयोजक विकास के नेतृत्व में तमाम छात्र छात्राएं कालेज परिसर में एकत्र हुए। यहां कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों ने आरोप लगाया कि बीए चौथे सेमेस्टर में करीब 1800 से 2000 विद्यार्थी हैं। लेकिन पिछले दिनों काॅलेज ने वोकेशनल परीक्षा कराई गई थी। कॉलेज प्रशासन की कमी के कारण सभी छात्र छात्राओं की परीक्षा गलत हो गई है। यूनिवर्सिटी ने एमएस ऑफिस एंड एप्लीकेशन विषय की परीक्षा के लिए कहा था लेकिन कॉलेज प्रशासन ने नई नीति के आधार पर हिंदी व्यावहारिक विषय की परीक्षा करा दी।
अब काॅलेज प्रशासन अपनी गलती को छात्र छात्राओं पर डालना चाहता है। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने वोकेशनल परीक्षा दोबारा कराने के नाम पर अवैध वसूली शुरू कर दी है। प्रत्येक छात्र से 300 रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है। धमकी दी जा रही है कि यदि छात्रों ने रुपये देकर परीक्षा नहीं दी तो फेल हो जाएंगे। कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्र-छात्राओं को डराया जा रहा है। हंगामे के बाद छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य डॉ.वीरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर समस्या का निराकरण कराने की मांग की। साथ ही विद्यार्थियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर कालेज प्रशासन ने समस्या का समाधान नहीं कराया और अपनी गलती को बच्चों पर डाला गया तो फिर से उग्र आंदोलन किया जाएगा। विद्यार्थियों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान विकास शर्मा, विशाल, जीतू, राहुल, कोमल, दिव्यांशी, दीपिका आदि छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
इस तरह से हुई गड़बड़ी
जेएस हिंदू पीजी कॉलेज में बीए चौथे सेमेस्टर में वोकेशनल विषय के रूप में विश्वविद्यालय से कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं मिलने के कारण कॉलेज द्वारा हिंदी व्यावहारिक का पेपर कराया था। लेकिन वह परीक्षा एमएस ऑफिस एंड एप्लीकेशन की होनी थी। जिसकी वजह से यह परेशानी हुई।
अवैध वसूली के आरोपों को निराधार हैं। छात्र-छात्राओं से विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित फीस ही ली जा रही है। अगर बच्चों ने ये फीस जमा नहीं की तो फाइनल में अधिक फीस जमा करनी पड़ेगी। विद्यार्थियों परीक्षा देना भी अनिवार्य है।- डॉ. वीर वीरेंद्र सिंह, प्राचार्य, जेएस हिंदू पीजी कॉलेज