धोखाधड़ी के मामले में चकबंदी लेखपाल और बैंककर्मी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रहरा निवासी कमलेश का कहना है कि 18 जून 2016 को बेटी की शादी के लिए 50 हजार रुपये की जरूरत पड़ी तो गांव के ही पूर्व राशन डीलर नन्हे से बैंक कर्मचारियों से अच्छे संबंध होने के वजह से अधार पर ऋण कराने में सहायता मांगी थी। नन्हे सिंह ने बैंक ले जाकर आधार, फोटो, अंगूठा निशानी लिया था। इसके बाद 50 हजार का ऋण मिल गया था। बैंक में गैस सब्सिडी के रुपये देने से इंकार कर दिया। कहा कि रकम केसीसी में कट गई है। महिला का आराप है कि बैंक से ऋण आधार कार्ड से लिया गया था, केसीसी से कोई ऋण नहीं लिया। लिया गया 50 हजार था, जबकि एक लाख 12 हजार दर्शाया जा रहा है।
महिला ने बैंक कर्मचारी व चकबंदी लेखपाल को पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। बताया था कि बैंक से भेजे गए नोटिस से परेशान हो कुछ समय पूर्व पति व बेटा की भी मौत हो चुकी है। सीओ दीप कुमार पंत का कहना है कि मामले में चकबंदी लेखपाल व बैंक कर्मी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।