अमरोहा। युवक के कीटनाशक पीने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने भाजपा के सभासद दानिश, सपा नेता सलीम अहमद और शिक्षक जहांगीर समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई कीटनाशक पीने वाले युवक के भाई की तहरीर पर की है।
वही, मेरठ के निजी अस्पताल में युवक की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक अमरोहा शहर के मुहल्ला कुरैशी के रहने वाले यासीन अहमद के बेटे इकबाल की शादी तीन महीने पहले मोहल्ला सराय कोना के रहने वाली फारूक की बेटी सबीना के साथ हुई थी।
इससे पहले सबीना की शादी सिकंदर नाम के युवक के साथ हुई थी, लेकिन पति-पत्नी के बीच विवाद के चलते वह अपने पति से अलग हो गई थी।
आरोप है कि मोहल्ला सराय कोना में रहने वाला भाजपा का सभासद दानिश, शिक्षक जहांगीर और मोहल्ला कुरेशी के रहने वाला सपा नेता सलीम अहमद और सबीना का पहला पति सिकंदर उसकी इस शादी को लेकर खुश नहीं थे। लिहाजा चारों ने मिलकर इकबाल को अलग-अलग तरीके से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
फोन पर पत्नी को उठाकर ले जाने की धमकी देते थे। 13 मई को इकबाल किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था।
आरोप है कि इसका फायदा उठाकर सभासद दानिश, शिक्षक जहांगीर घर में घुस आए और दोनों सबीना को उठाकर अपने साथ ले गए। इतना ही नहीं बाद में इकबाल पर पत्नी सबीना को तलाक देने का दबाव बनाया और एक लाख रुपये की मांग की। जिससे परेशान होकर इकबाल ने 20 मई को सड़क पर खड़े होकर कीटनाशक का सेवन कर लिया था। सूचना मिलने पर पहुंची पीआरबी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से इकबाल को मेरठ रेफर कर दिया था। फिलहाल इकबाल का इलाज चल रहा है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
इकबाल के कीटनाशक पीने की घटना के बाद कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करते हुए अपना दल एस के जिलाध्यक्ष हाजी मुजफ्फर और पीड़ित इकबाल के खिलाफ भी दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया। हकीकत पता चली तो पुलिस के होश उड़ गए।
इस मामले में पुलिस ने इकबाल के भाई की तहरीर पर दानिश, जहांगीर, सलीम और सिकंदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि आरोपियों की ओर से दर्ज कराई गए झूठे मुकदमे को खत्म किया जाएगा।