सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि तीन मार्च को नोडल अधिकारी डॉ. शरद कुमार ने बंबूगढ़ चौराहा स्थित यश्वनी चाइल्ड हेल्थ केयर का निरीक्षण किया था। हेल्थ केयर के लेटर हेड पर नवजात शिशु व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद फरीद अंकित मिला था। जबकि, मोहम्मद फरीद मौके पर नहीं थे। अस्पताल में कोई अधिकृत शैक्षिक योग्यता वाला पैरामेडिकल स्टाफ भी नहीं था। हेल्थ केयर के संचालक हरवीर सैनी से जवाब मांगा गया, लेकिन वह अस्पताल संबंधित कोई दस्तावेज भी नहीं दिखा सके।
इसके बाद 11 मार्च को फिर नोडल अधिकारी डॉ. शरद ने जिला औषधि निरीक्षक रुचि बंसल के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान हेल्थ केयर में ही मेडिकल स्टोर संचालित मिला, जहां से बड़ी संख्या में दवाइयां जब्त कर पांच नमूने जांच के लिए भेजे थे। हेल्थ केयर संचालक कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। अब हेल्थ केयर के संचालक हरवीर सैनी के खिलाफ इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।