क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना और बहनोई गजनबी समेत उनके परिजनों द्वारा मनरेगा मजदूरी हासिल करने की जांच लगभग अंतिम चरण में है। टीम हर पहलु की गंभीरता से जांच कर रही है। मामले में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
उधर, तत्कालीन चार बीडीओ समेत रोजगार सेवक, सचिव, तकनीकी सहायक और कंप्यूटर ऑपरेटर भी जांच के दायरे में हैं। डीएम के निर्देश पर मामले में शमी की बहन शबीना के परिवार के आठ लोगों सहित 13 से करीब दस लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई की जाएगी। जोया ब्लॉक का पलौला गांव मनरेगा में हुई गड़बड़ी को लेकर सुर्खियों में हैं। क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना और उनके बहनोई मोहम्मद गजनबी ने फर्जीवाड़ा कर खुद, परिवार के दूसरे सदस्यों व परिचितों का मनरेगा मजदूर का जॉब कार्ड बनवाकर करीब दस लाख रुपये की मजदूरी हासिल कर ली। खुलासा होने पर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मामले की जांच डीसी मनरेगा और परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी थी। तभी से टीम मामले की जांच में जुटी है।
जांच से जुड़े सभी अभिलेख टीम ने कब्जे में ले लिए हैं। चूंकि, मामला हाईप्रोफाइल सेलीब्रिटी से जुड़ा है, लिहाजा जांच टीम किसी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहती है। जिम्मेदार हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रहे है। किस स्तर से गड़बड़ी की शुरुआत हुई और बाद में कौन-कौन इसके लिए जिम्मेदार रहे, इसको भी देखा जा रहा है। मामले में तत्कालीन बीडीओ प्रदीप यादव, मोहम्मद जाकिर, लक्ष्मण प्रसाद व प्रतिभा अग्रवाल के अलावा सचिव, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक व कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका की जांच भी की जा रही है। गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार सभी कड़ियों को जोड़कर रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद डीएम के निर्देश पर सभी से करीब दस लाख की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।