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बेटे की शिकायत करने पहुंचे कैंसर पीड़ित पिता की एसपी दफ्तर के बाहर मौत

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अमरोहा। कैंसर से पीड़ित पिता आर्थिक तंगी के चलते बेहतर इलाज नहीं करा सका। बैंक से लोन लिया तो एक बेटे ने धोखा देकर सभी रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। पिता ने रुपये के बारे में पूछता तो मारपीट की। बचाव में आए भाइयों को भी पीटा। आरोपी बेटे की शिकायत करने एसपी दफ्तर पहुंचे बीमार पिता ने बाहर ही दम तोड़ दिया। परिजन शिकायत कर वापस लौटे तो उनकी मौत हो चुकी थी। खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दो बेटों ने आरोपी भाई को मौत लिए जिम्मेदार ठहराया है। कप्तान के आदेश पर पुलिस गांव पहुंची। यहां परिवार के लोगों से बात की। फिलहाल परिवार वालों ने बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कर दिया है।
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डिडौली कोतवाली क्षेत्र के फत्तेहपुर अब्बू गांव में गणेशीलाल (75) का परिवार रहता है। उनके चार बेटे हरचरन, हरीराज, हरिपाल और जितेंद्र हैं। आरोप के मुताबिक गणेशीलाल कैंसर से पीड़ित थे। वह पिछले 8 वर्षों से अपने तीसरे नंबर के बेटे हरिपाल के साथ रहते थे। बेटे हरिपाल के मुताबिक आर्थिक तंगी के चलते उनका सही से इलाज नहीं हो पा रहा था। लिहाजा 60 हजार रुपये का क्रेडिट कार्ड बनवाया था। रुपये निकालने के लिए एक भाई पिता के साथ बैंक गया था, जिसने धोखाधड़ी करके उनके क्रेडिट कार्ड से 50 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए जबकि 10 हजार रुपये नकद निकाल लिए थे। मामले की जानकारी हुई तो परिजनों में हड़कंप मच गया। बीमार पिता ने रुपये के बारे में पूछा तो आरोपी बेटे ने उनके साथ मारपीट की। बचाव में आए अन्य भाइयों को भी पीटा।
शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे छोटा बेटा जितेंदर अपनी पत्नी बंटी और अन्य परिजनों के साथ बीमार पिता को लेकर एसपी दफ्तर पहुंचा। यहां पिता को एसपी कार्यालय के बाहर बैठा दिया और परिजन उनके नाम का प्रार्थना पत्र लेकर आरोपी बेटे की शिकायत करने अंदर पहुंच गए। जब तक फरियाद सुना कर परिजन वापस लौटे तो बीमार पिता ने दम तोड़ दिया था। उनकी मौत हो चुकी थी। खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। तीसरे नंबर के बेटे हरिपाल और चौथे नंबर के बेटे जितेंद्र ने आरोपी भाई को पिता की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। बाद में परिजन शव लेकर घर पहुंच गए। हरिपाल के मुताबिक पुलिस घर आई थी, उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने के बाद कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
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एसपी सुनीति और एएसपी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस संबंध किसी भी तरह का कोई पत्र नहीं मिला है। फिलहाल मामले की जांच कराई जाएगी।
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