जोया (अमरोहा)। शहवाजपुर गांव में खेत में घुसे तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगाकर बकरी बांधी। खेत के चारों ओर जाल लगाया और कैमरे लगाने के बाद निगरानी के लिए खुद भी पहरा दिया। इतनी कोशिश के बाद भी तेंदुए लापता हो गया। 36 घंटे बाद बाद वन विभाग की टीम वापस लौट गई। इससे ग्रामीणों में दहशत के साथ ही वन विभाग के प्रति रोष है।
शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने जंगल में पेड़ पर तेंदुए को बैठे देखा था। करीब पंद्रह मिनट बाद तेंदुआ पेड़ से कूदकर पास के सेम की फसल वाले खेत में जा छिपा। इस दौरान तेंदुए ने एक कुत्ते को भी मार डाला। सूचना पर डिडौली पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया गया। वन विभाग ने खेत के तीन ओर जाल बिछाया और पिंजरा लगाकर उसमें बकरी भी बांधी। रात में निगरानी के लिए दो सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए। पूरी रात वन कर्मी और ग्रामीण मिलकर तेंदुए की तलाश में डटे रहे, लेकिन उसकी कोई हलचल नजर नहीं आई।
रविवार को भी दिनभर इंतजार किया गया, मगर तेंदुआ नजर नहीं आया। दोपहर में वन विभाग की टीम वापस लौट गई, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली। वन उप क्षेत्रीय अधिकारी राजीव वर्मा ने बताया कि संभावना है कि तेंदुआ रात के समय खेत से निकलकर कहीं और चला गया हो, क्योंकि वह पिंजरे के पास नहीं आया। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर पिंजरा पांच दिन तक वहीं लगा रहेगा और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी।
तेंदुए के गायब होने से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों को डर है कि तेंदुआ आसपास के खेतों या जंगल में छिपा हो सकता है और कभी भी हमला कर सकता है। डीएफओ ने ग्रामीणों से रात के समय खेतों में न जाने और बच्चों को अकेले बाहर न छोड़ने की सलाह दी है।