अमरोहा। दो दिन पहले कोविड-19 संक्रमण से मां की मौत के बाद रविवार की शाम संक्रमित कारोबारी बेटे की भी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। इसके थोड़ी देर बाद मृतक कारोबारी का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें वह अस्पताल प्रबंधन से सही इलाज कराने की गुहार लगा रहे थे। ऑडियो वायरल होते ही कुछ लोगों ने मामले को तूल देना शुरू कर दिया। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। हालांकि बाद में परिजन बगैर कार्रवाई के शव को घर ले गए। देर रात तक मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।
यह मामला नगर के एक निजी अस्पताल का है। इस अस्पताल को कुछ दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 अस्पताल घोषित किया था। लिहाजा तभी से यहां कोविड-19 संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बताते हैं कि नगर निवासी कारोबारी राहत सिद्दीकी और उनकी माता कोरोना संक्रमित थे। दोनों इसी अस्पताल में भर्ती चल रहे थे। लेकिन संक्रमण के चलते दो दिन पहले उनकी मां की मौत हो गई थी। जबकि कारोबारी राहत सिद्दीकी अस्पताल में भर्ती थे।
लेकिन रविवार की शाम कोरोना ने राहत सिद्दीकी की जिंदगी भी लील ली। संक्रमण से उनकी भी मौत हो गई। तीन दिन मेें मां और बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। इसी बीच कारोबारी राहत सिद्दीकी का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। जिसमें वह अस्पताल प्रबंधन से अपना दर्द, भूख और प्यास और इलाज से संबंधित गुहार लगा रहे थे। ऑडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही कुछ लोगों ने उसे मुद्दा बनाकर अस्पताल की लापरवाही करार देकर माहौल खराब कराने की कोशिश शुरू कर दी। माहौल बिगड़ने के डर से नगर कोतवाली और नौगांवा सादात पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान मृतक कारोबारी के परिजनों से बात की। इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में हंगामा नहीं हुआ था। परिजन भी बगैर किसी आरोप लगाए शव को अपने घर ले गए है। कुछ लोगों ने ऑडियो को आधार बनाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश जरूर की है। इसकी जांच की जा रही है।