हसनपुर-अतरासी मार्ग पर टैंपोे को बचाने के दौरान एक निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे करीब 35 यात्री घायल हो गए। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों को बस से बाहर निकालकर निजी वाहनों से डाक्टर के पास तक पहुंचाया। सूचना देने के करीब आधे घंटे बाद पुलिस और एंबुलेंस पहुंची। इससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी दिखाई दी।
हसनपुर से अमरोहा के लिए निजी बस चलती हैं। बृहस्पतिवार की सुबह करीब दस बजे को एक निजी बस अमरोहा से हसनपुर की ओर जा रही थी। करनपुर माफी गांव के पास हसनपुर की ओर से आ रहे टैंपोे को बचाने के चक्कर में बस अनियंत्रित हो गई। इसके बाद सड़क पर लगे किलोमीटर के पत्थर पर चढ़कर बीच सड़क पर पलट गई।
इससे बस में बैठी सवारियां एक दूसरे के ऊपर गिर गईं और चीख-पुकार मच गई। बस चालक और कंडक्टर फरार हो गए। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया।
हादसे में दयावती, लोकेश निवासी असावर, सोमेंद्रा दादूपुर, मुस्तफा बेगम, मुस्लिम कायस्थान, रीना मुजफ्फनगर, कलुवा, अनिता, लवली, लवकुमार निवासी हाफिजपुर, फराना, गुलबहार अमरोहा,वीर सिंह आवास विकास अमरोहा, फुंदी मकनपुर, मुनेश गजरौला, बीरवती रायपुर, गायत्री, शीतल, गुड्डी निवासी खरपड़ी, दुर्गा सिंह रझोंहा, जीनत अमरोहा, कलुवा गारवपुर और चरित्र सिंह निवासी नरैना समेत 35 लोग घायल हो गए। फराना, गुलबहार, जीनत समेत पांच लोगों को बेहतर उपचार के लिए रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम व सीओ भी मौके पर पहुंच गए।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी
हसनपुर(ब्यूरो)। बस पलटने के बाद एक साथ जब घायल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां अफरा-तरफी मच गई। हालांकि, सभी घायलों का उपचार किया गया। एक बेड पर तीन-तीन मरीजों को लिटाया गया। एसडीएम अशोक मौर्य, सीओ सोमेंद्र कुमार नेगी, तहसीलदार जसधीर सिंह यादव, कोतवाली निरीक्षक अनिल समानिया, एसएसआई आरके सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों का हाल जाना। इस दौरान एक मरीज बैंच पर लेटा कराह रहा था। उसके ऊपर न तो पंखा लगा था और न ही ठीक से पट्टी से बंधी थी। इस पर एसडीएम ने चिकित्सा अधिकारी को फटकार लगाई।