अमरोहा। गजरौला में भाजपा नेता के एसआरएस पब्लिक स्कूल की बस पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। आरोपियों ने बस चालक को सबक सिखाने के इरादे से गोलियां चलाईं थीं। चार दोस्तों ने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। जिस युवक के खिलाफ नामजद एफआईआर कराई गई थी, उसकी नामजदगी गलत पाई गई। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके दो साथियों को मुठभेड़ में पकड़ लिया। आरोपियों के कब्जे से तमंचा-कारतूस बरामद हुए हैं। जबकि, एक आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं।
पुलिस ऑफिस में शनिवार को एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गजरौला के रहने वाले भाजपा जिला उपाध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख मीनाक्षी चौधरी के पति चौधरी वीरेंद्र सिंह एसआरएस स्कूल के मालिक हैं। थानाक्षेत्र के गांव चौकपुरी निवासी मोंटी सैनी स्कूल की मिनी बस पर चालक है। वह स्कूली गाड़ी से नगला माफी, चौकपुरी, लखमिया, हयातपुर आदि गांवों के बच्चों को स्कूल में लाने और गांवों में पहुंचाने का काम करता है। 25 अक्तूबर की सुबह मोंटी 28 बच्चों को बस से स्कूल लेकर जा रहा था। जैसे ही बस खादगुर्जर और नगला माफी के बीच एक पुलिया के निकट पहुंची थी। इस बीच रास्ते में खड़े युवक ने बाइक लगाकर स्कूली बस रोक ली। पास में आम के बाग में छिपे उसके अन्य साथी आ गए। उन्होंने बस पर फायरिंग कर दी और ईंट बरसाईं थीं। जिस पर चालक ने बस को गजरौला की तरफ तेज रफ्तार में दौड़ा कर जान बचाई थी।
इस मामले में नंगला माफी के रहने वाले अनुज और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना को गंभीरता से लेकर पुलिस जांच कर रही थी। पुलिस की 20 टीमों ने इलाके में लगे 150 सीसी टीवी कैमरे की फुटेज चेक कीं। गहनता से छानबीन के दौरान अनुज की नामजदगी गलत पाई गई। एसपी के मुताबिक नंगला माफी के रहने वाले मनित ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। क्योंकि घटना से पंद्रह दिन पहले बस चालक मोंटी और मनित की कहासुनी हो गई थी। यह बात मनित ने अपने दोस्त मंडी धनौरा के मोहम्मदपुर निवासी आदित्य को बताई। आदित्य ने मंडी धनौरा के विजयनगर मोहल्ले के रहने वाले आर्यन शर्मा और मोहल्ला हैबतपुर चौधरियान के रहने वाले नितिन को शामिल कर लिया। सभी ने मिलकर चालक मोंटी की सबक सिखाने की योजना बनाई। जिसके बाद घटना वाले दिन बच्चों को स्कूल लेकर जाते समय चालक मोंटी की हत्या करने के उद्देश्य से गोली चलाई थीं।
घटना में मोंटी बच गया और बच्चों से भरी बस को लेकर भाग निकला था। इसके बाद आरोपी नितिन, आदित्य और आर्यन बाइक पर सवार होकर मौके से भाग निकले। इसके बाद तीनों आरोपी मनित के लगातार संपर्क में थे और पुलिस की गतिविधियों की जानकारी कर रहे थे। शनिवार को गजरौला पुलिस और एसओजी वह सर्विलांस की टीम ने मुख्य आरोपी मनित को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बताने पर पुलिस ने नंगला माफी से खेड़की भूड़ की ओर जाने वाली पक्की सड़क पर मुठभेड़ के दौरान आर्यन शर्मा और नितिन को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से तमंचा कारतूस भी बरामद हुए हैं। दोनों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर भी किया था। गनीमत रही पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए।
मनित पर नहीं था किसी को शक
पुलिस के मुताबिक बस चालक मोंटी आए दिन विवादों में रहता है। घटना से चार दिन पहले चालक मोंटी ने अनुज की स्कूटी में टक्कर मार दी थी। जिसके चलते उसकी स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। अनुज और उसके परिजनों ने स्कूल पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन, इससे पहले चालक मोंटी की नंगला माफी के रहने वाले मनित से बहस हो गई थी। अनुज ने अपने परिजनों के साथ स्कूल में शिकायत की थी इसलिए उसे पर घटना को अंजाम देने का शक था। इसीलिए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। जबकि घटना को अंजाम मनित ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिया और उसे पर किसी को शक भी नहीं था।
पुलिस के मुताबिक चालक मोंटी गलत तरीके से ड्राइविंग करता था। जिसकी वजह से लोग उसे टोकते रहते थे। गलत ड्राइविंग के कारण ही मोंटी और मनित के बीच कहासुनी हुई थी।
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया गया है। जिसमें गजरौला इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह, सर्विलांस प्रभारी विजेंद्र मलिक समेत 15 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक फायरिंग की घटना को अंजाम देकर आरोपी बाइक पर सवार होकर कई गांव से गुजरे थे। घटनास्थल से लेकर गांव -गांव पुलिस की टीमों ने 150 सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी। घटना को अंजाम देते समय आरोपियों ने नकाब लगा रखा था। इसके बाद जैसे-जैसे आरोपी आगे बढ़ते गए वैसे ही उन्होंने अपने नकाब हटा दिए। इतना ही नहीं आरोपी सामान्य लोगों की तरह घूमने लगे थे। घटना के खुलासा करने में सीसीटीवी कैमरा का अहम योगदान रहा है।