राजपुरा में तीर्थ दर्शन यात्रा बस का एक्सीडेंट
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हसनपुर-अतरासी मार्ग पर मंगलवार को आगे चल रही बस में बाइक घुस जाने से नौंवी के छात्र चचेरे भाइयों की मौत हो गई, जबकि इनका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। बाइक सवार किशोर हसनपुर कोतवाली के रझोहा गांव से अपने घर आ रहे थे। हादसे की सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां पर चचेरे भाइयों को देखते ही मृत घोषित कर दिया। बिना कार्रवाई परिजन शवों को घर ले गए।
रजबपुर थाना क्षेत्र के कूबी रढ़ा गांव निवासी रामेश्वर जाटव के बेटे विजलेश (14) की हसनपुर कोतवाली के रझोहा में परचून की दुकान है। मंगलवार की दोपहर बाद विजलेश अपने चचेरे भाई अंकित व दोस्त बिट्टू को साथ लेकर बाइक से रझोहा गया था। शाम चार बजे गांव वापस आ रहे थे।
बाइक विजलेश चला रहा था। बाइक सवार किशोर अतरासी-हसनपुर मार्ग पर घरौंट के नजदीक पहुंचे थे। बाइक आगे चल रही प्राइवेट बस में घुस गई। जिससे विजलेश व अंकित (14) पुत्र फतेह सिंह तथा बिट्टू गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की खबर पाते ही एसओ मोहित चौधरी थाना पुलिस लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। तीनों घायलों को पुलिस ने जिला अस्पताल में पहुंचाया।
चचेरे भाइयों अंकित व विजलेश को चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। वहीं बिट्टू को भर्ती कर लिया गया। उधर हादसे में चचेरे भाइयों की मौत की खबर सुन परिजन बदहवास हो गए। जिला अस्पताल पहुंचे। बिना किसी कार्रवाई दोनों के शव घर ले गए। गांव में कोहराम मच गया। गमगीन परिजन दहाड़ कर मार बिलख रहे थे। ग्रामीण मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे।
नौवीं के छात्र थे दोनों भाई
मंगलवार को सड़क हादसे का शिकार हुए कूबी रढ़ा गांव के अंकित व विजलेश नौवीं के छात्र थे। पड़ोस के दौलतपुर नहरी गांव में पुष्पवाहन स्कूल में पढ़ते थे। एक्सीडेंट में मौत की खबर सुन दोस्त और स्कूल का स्टाफ घर पहुंचा। गमगीन परिजनों को धैर्य बंधाया। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों भाई बड़े होनहार थे। पढ़ाई के साथ ही परिजनों का हाथ बंटाते थे। घर का खर्च संभालने को ही विजलेश ने रझोहा में परचून की दुकान खोल रखी थी। दोनों की मौत पर जहां परिजन बेहाल थे, वहीं ग्रामीण भी खासे दुखी थे।
गांव में नहीं जले चूल्हे
रजबपुर थाना क्षेत्र के कूबी रढ़ा गांव के अंकित, विजलेश की एक्सीडेंट में मौत तथा बिट्टू के गंभीर होने की जिसने भी खबर सुनी बदहवास हो गया। एकाएक लोग इस पर यकीन नहीं कर रहे थे। दोनों की लाश गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। पूरा गांव रामेश्वर व फतेह सिंह के घर इकट्ठा हो गया। हादसे में किशोरों की मौत से सभी की आंखें नम थीं। मौत से गमगीन ग्रामीणों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। गांव की महिलाएं और युवतियां बुरी तरह बिलख रही थीं।