अमरोहा। डिडौली पुलिस ने दुष्यंत हत्याकांड की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए भाई संकित और पीतम सिंह को गिरफ्तार किया है। बाद में दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
दुष्यंत की हरकतों से परेशान होकर परिजनों ने ही सुपारी देकर उसकी हत्या कराई थी। मामले में दुष्यंत की मां माया देवी और सुपारी किलर जोगेंद्र उर्फ जोली समेत तीन आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
रविवार को पुलिस ऑफिस में एसपी लखन सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि शुक्रवार की रात शाहबाजपुर-श्यामपुर गांव के रास्ते पर सूखी नहर से युवक का शव बरामद हुआ था। मृतक के सिर पर कई चोटों के निशान थे। बाद में शव की पहचान नसीरपुर निवासी दुष्यंत के रूप में हुई। मामले में दुष्यंत के पिता पीतम सिंह ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि दुष्यंत आपराधिक प्रवृत्ति का था और शराब के नशे में आए दिन परिवार के लोगों से मारपीट और गाली-गलौज करता था। उसकी हरकतों से परेशान होकर भाई संकित, पिता पीतम सिंह और मां माया देवी ने हत्या की साजिश रची। तीनों ने ढैला नगला निवासी जोगेंद्र उर्फ जोली को पांच लाख रुपये में दुष्यंत की हत्या की सुपारी थी।
बाद में परिवार ने घर के जेवर गिरवी रखकर 55 हजार रुपये जुटाए और यह रकम जोगेंद्र उर्फ जोली को बतौर बयाना दी गई। एसपी के मुताबिक योजनाबद्ध तरीके शुक्रवार की रात रात संकित, जोगेंद्र उर्फ जोली और दो अन्य लोगों ने मिलकर दुष्यंत की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था।
मामले में मृतक के भाई संकित और पिता पीतम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जबकि मां माया देवी, सुपारी किलर जोगेंद्र उर्फ जोली और दो अज्ञात आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगी हैं और जल्दी ही गिरफ्तारी की जाएगी। एसपी ने बताया कि जोगेंद्र उर्फ जोली कुख्यात अपराधी है, उसके खिलाफ हत्या, लूट और जानलेवा हमले समेत 6 से 8 प्राथमिकी दर्ज हैं। इन मामलों में वह जेल भी जा चुका है। फिलहाल जमानत पर है।