क्षेत्र के गांव गंगानगर में अपने चचेरे भाई के साथ पशुओं को नहलाने गया छात्र गंगा में डूब गया। छह घंटे की मशक्कत के बाद भी ग्रामीणों को शव नहीं मिल सका। बाद में घटनास्थल से पांच किलोमीटर दूर मछुआरों के जाल में लाश फंसी। सूचना पर पहुंचे परिजन शव को घर ले आए। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंच कर जानकारी ली है।
गांव गंगानगर निवासी लालमन का 12 वर्षीय बेटा गौरी शंकर गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार का छात्र था। रविवार सुबह करीब 11 बजे गौरी शंकर अपने चचेरे भाई अभिषेक के साथ गांव के पास से बह रही गंगा में पशुओं को नहलाने गया था। दोनों भाई गंगा में उतर कर पशुओं के साथ अठखेलियां कर रहे थे। इस दरम्यान गौरी शंकर पशु के साथ गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। ये देख अभिषेक ने शोर मचाया। शोर सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
उधर, गांव के तैराक युवाओं ने गंगा में कूद कर तलाश शुुुुरू की, मगर शाम पांच बजे तक उसका पता नहीं लगा। शाम को घटनास्थल से पांच किलोमीटर दूर गंगा पार जनपद बुलंदशहर के गांव बसी के निकट मछली पकड़ रहेमछुआरों के जाल में शव फंसा। इसे मछुआरों ने बाहर निकाला, लेकिन गौरी शंकर का दम निकल चुका था। सूचना पर मौके पर पहुंचे परिजन शव को घर ले आए। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उधर तहसीलदार जसधीर सिंह यादव व हल्का लेखपाल ओमकार ने मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली है।