अमरोहा। सोमवार से लापता तीन वर्षीय अमायरा का शव शुक्रवार सुबह गांव के बीच स्थित तालाब के किनारे गंदगी और घास में फंसा मिला। तालाब में पड़े रहने से शव फूल गया था। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। चार दिन बाद शव मिलने पर पुलिस हत्या कर शव तालाब में फेंके जाने की आशंका के बिंदु पर जांच कर रही है।
अमायरा सोमवार को अपनी दादी फातिमा के साथ बीमार बहन मुनाजरा का हालचाल जानने गांव गई थी। इसी दौरान खेलते समय वह लापता हो गई। परिजनों और ग्रामीणों की तलाश के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की। बच्ची की तलाश में पांच पुलिस टीमें लगाई गईं। गांव और आसपास घर-घर पूछताछ के साथ 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। नाले, खेत-खलिहान, जंगल, खंडहर और बंद मकानों में ड्रोन से तलाश की गई। डॉग स्क्वाॅड की मदद के साथ बाहर आने-जाने वाले वाहनों की जानकारी जुटाई गई और 100 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सीडीआर व लोकेशन भी खंगाली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
केरल में सैलून चलाने वाले अमायरा के पिता मोहम्मद रजा सूचना मिलने पर बुधवार को घर लौट आए थे। बृहस्पतिवार को उन्होंने ग्रामीणों के साथ कोतवाली पहुंचकर बेटी की बरामदगी की गुहार लगाई। देर रात एसपी लाखन सिंह यादव ने गांव और डिडौली कोतवाली पहुंचकर घटना की जानकारी ली और तलाश तेज करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे गांव में किराए पर रहने वाले मोहम्मद अली की बेटी सोनम ने तालाब में अमायरा का शव पड़ा देखा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। अब बच्ची की मौत कैसे हुई और शव तालाब तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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अमायरा का शव मिलते ही तालाब किनारे जुटी भीड़
चार दिन से लापता अमायरा का शव शुक्रवार सुबह तालाब में मिलने की खबर कुछ ही देर में पूरे गांव में फैल गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब किनारे पहुंच गए। मासूम का शव देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। तालाब किनारे पहुंचे अमायरा के माता-पिता और दादी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन बच्ची का शव देखकर बेसुध हो गए। पुलिस ने ग्रामीणों की भीड़ को मौके से हटाकर जांच शुरू की। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
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गांव वालों ने कहा-अमायरा की हत्या की गई
अमायरा का शव मिलने के बाद गांव में मातम छा गया। मासूम का शव देखकर ग्रामीण भावुक हो उठे। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि बच्ची की मौत सामान्य नहीं लग रही है और उसकी हत्या किए जाने की आशंका है। ग्रामीणों के बीच यही चर्चा रही कि अगर बच्ची हादसे का शिकार हुई होती तो चार दिन की तलाश के दौरान उसका शव पहले ही मिल जाता। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमायरा की हत्या किसने और किस वजह से की। घटना का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
घर और तालाब के बीच महज 500 मीटर की दूरी
अमायरा का शव गांव के जिस तालाब में मिला, वहां से उसका घर और जिस स्थान से वह लापता हुई थी, दोनों की दूरी करीब 500 मीटर है। घटनास्थल गांव के बीच में होने के बावजूद चार दिन तक पुलिस और ग्रामीणों की तलाश के बाद भी बच्ची का शव नहीं मिल सका। अब शव मिलने के बाद इस दूरी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अमायरा तालाब तक खुद पहुंची थी या किसी ने उसे वहां लाकर शव फेंका।
तीन साल की बच्ची सोमवार को लापता हुई थी। तभी से पुलिस उसकी तलाश में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। शुक्रवार सुबह बच्ची का शव तालाब में पड़ा मिला। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की जा रही है। मामले में हर बिंदु पर जांच की जा रही है। बच्ची की मौत कैसे हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हो सकेगा। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
- अखिलेश भदौरिया, एएसपी
क्या बोले ग्रामीण
-बच्ची की मौत से गांव में गम है। पुलिस को घटना की गंभीरता से जांच कर जल्द सच्चाई सामने लानी चाहिए। -जियाउल हक, ग्राम प्रधान पति
-बच्ची तालाब तक कैसे पहुंची और उसकी मौत कैसे हुई, यह गंभीर जांच का विषय है। पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच करे। -फिरोज आलम, निवासी ढकिया चमन
-घटना से गांव के लोग सदमे में हैं। निष्पक्ष जांच कर बच्ची की मौत की सच्चाई जल्द सामने आनी चाहिए। - मो. अफ्फान, निवासी ढकिया चमन
-पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले। इससे बच्ची के तालाब तक पहुंचने की महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। - मो. कलीम, निवासी ढकिया चमन
-घटना बेहद दुखद है। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर जल्द खुलासा करे, ताकि परिजनों और ग्रामीणों को सच्चाई पता चल सके। - मो. नासिर, निवासी ढकिया चमन