शहर से लेकर गांव तक मरीजों को अब खून की जांच के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। वह झोलाछाप के यहां जांच करने और इलाज करने से भी बच जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सभी 35 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर खून की जांच की सुविधा शुरू करने की कवायद की है। ग्रामीणों को अब वायरल और अन्य संक्रमण की जांच के लिए सीएचसी या जिला अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जनपद में एक जिला अस्पताल और सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर खून की जांच की सुविधा है। हालांकि, अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा नहीं थी। लेकिन, अब सीएचसी की तरह जनपद की 35 पीएचसी पर कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) जांच की सुविधा शुरू हो गई है। सभी पर लैब टेक्नीशियन तैनात कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रत्येक सीबीसी मशीन की खरीद पर करीब तीन लाख रुपये खर्च हुए हैं।
निजी लैब में जांच कराने पर मरीजों को 200 से 315 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। जबकि, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर यह जांच निशुल्क होगी। साथ ही यह सुविधा डेंगू जैसी बीमारियों की शीघ्र पहचान में भी मददगार साबित होगी। क्योंकि, सीबीसी जांच से प्लेटलेट्स, हीमोग्लोबिन (एचबी), व्हाइट ब्लड सेल्स (डब्ल्यूबीसी) और रेड ब्लड सेल्स (आरबीसी) जैसी विशेष जानकारी मिलती है।
ग्रामीण इलाके की पीएचसी
नन्हेड़ा अल्यारपुर, जमनाखास, कौराल, बस्तापुर, ड्योटी, वाजिदपुर, रजबपुर, चौधरपुर, कैलसा, पतेई खालसा, सलेमपुर गोसाई, रखेड़ा, खादगुजर, महेशरा, तिगरी, शेरपुर, कमेलपुर, चुचैला कलां, ड्योटी, सैदनगली, ताहरपुर, कुंदरकी भूड़, उझारी, मटीपुरा, बुरावली और आदमपुर। इसके अलावा शहरी पीएचसी पर भी जांच की सुविधा मिलेगी।
- जिले की सभी 35 ग्रामीण व शहरी पीएचसी में सीबीसी मशीन उपलब्ध कराई गई हैं। इसके लिए लैब टेक्नीशियन की तैनाती भी कर दी गई है। इससे जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच का दबाव कम होगा। मरीजों को जांच के लिए सीएचसी या जिला अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।
- डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ