भाजपा जिला अध्यक्ष ऋषिपाल नागर के नेतृत्व में भाजपाइयों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर नगर विकास मंत्री आजम खां के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि बहन मायावती मुस्लिम वोटों की चिंता में चुप हैं, मगर भाजपाई बाबा साहेब और कांशीराम के अपमान पर चुप नहीं बैठेंगे।
उन्होंने बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी की ओर से दयाशंकर के परिजनों के खिलाफ की गई तथाकथित अभद्र टिप्पणी पर कार्रवाई न किए जाने पर आड़े हाथ लिया। वहीं बुलंदशहर की गैंग रेप की घटना को आजम खां की ओर से षड्यंत्र बताए जाने पर नाराजगी जताई।
कैबिनेटमंत्री के खिलाफ हाय-हाय के नारे लगाए। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपकर कैबिनेट मंत्री आजम खां को बर्खास्त करने की मांग की। प्रदर्शन में डा. हरि सिंह ढिल्लो, राम सिंह सैनी, अतुल जैन, युद्धवीर सिंह, विजय सिंह पंवार, राकेश वर्मा, राहुल चौहान, मुकेश सक्सेना, लखन रघुवंसी, ओम प्रकाश त्यागी, यशवंत सिंह, नईम अहमद, ब्रजेश चौधरी, राजेंद्र सिंह आदि रहे। इसके बाद बंबू गढ़ तिराहे पर पुुतला फूंककर रोष प्रकट किया। संबंधित खबरें पेज नौ पर
पहले बनाया वीडियो फिर लिया हिरासत में
हसनपुर। गाजियाबाद में हज हाउस के उद्घाटन के मौके पर आजम खां ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति विवादित बयान दिया था। इससे खफा भाजपाई बुधवार को नगर के अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए आजम खां का पुतला जलाया।
मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर ने पहले तो पुतला दहन करने वालों की वीडियो बनाई। फिर उन्हें घर भेज दिया गया। कुछ ही देर बाद कोतवाल साहब भाजपाइयों के घर पहुंच गए और शांतिभंग का हवाला देते हुए भाजपाइयों को उनके घरों से हिरासत में ले लिया। इसे लेकर इंस्पेक्टर अनिल समानिया और भाजपाइयों में नोकझोंक हुई, लेकिन भाजपाइयों की एक न चली।
पुतला दहन में शामिल पूर्व ब्लाक प्रमुख महेंद्र सिंह खड़गवंशी, चंद्रपाल खड़गवंशी, यतींद्र शंकर गौड़, रामपाल खड़गवंशी, अतुल गर्ग, रोहताश उर्फ डब्लू, राजपाल भड़ाना, राजवीर सिंह राठौर व संजय शर्मा को इनके घरों हिरासत लेकर कोतवाली लाया गया। घंटों कोतवाली में बैठाए रखा और रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी की जाने लगी।
इधर, भाजपाइयों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलते ही जिलाध्यक्ष ऋषिपाल नागर, हरि सिंह ढिल्लो, गजरौला चेयरमैन हरपाल सिंह व अन्य कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए। सीओ की मौजूदगी में हंगामा किया। बाद में पुलिस ने निजी मुचलके भरवाकर भाजपाइयों को छोड़ दिया। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस स्थानीय सपा नेताओं के इशारे पर कार्य कर रही है।