एनसीआर से चोरी कर बाइकों की फर्जी आरसी तैयार की जाती थी। उसके बाद गिरोह उसे लोगों को अच्छे दामों में बेच देता था। हसनपुर पुलिस ने गजरौला के पिता-पुत्र समेत गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। अपर पुलिस अधीक्षक ने प्रेसवार्ता कर मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के पास से चोरी की 9 बाइक, फर्जी आरसी, प्रिंटर, बाइकों पर चेसिस नंबर गोदने की मशीन बरामद की गई है। जबकि गिरोह के दो सदस्य फरार चल रहे हैं।
कई दिन पहले कोतवाली निरीक्षक अनिल समानिया ने हसनपुर में वाहन चेकिंग के दौरान अतरासी अड्डे पर सफेद रंग की अपाचे बाइक पर बैठे तीन लोगों को रोका था। बाइक के कागज मांगे तो कागज नहीं दिखाए गए। सख्ती से पूछताछ की थी, तो आरोपियों ने बताया कि यह चोरी की बाइक है जो नोएडा के रहने वाले एक नागर नाम के व्यक्ति से खरीदी है।
पुलिस ने मामले की गहन जांच पड़ताल की, तो कई अहम सुराग हाथ लगे। दो दिन पहले गजरौला में सलेमपुर रोड पर एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर लैपटाप व प्रिंटर बरामद किए गए थे। बृहस्पतिवार को कोतवाली में अपर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए मेडिकल स्टोर संचालक सद्दाम पुत्र रफीक व रफीक पुत्र इदुल हसन निवासी मोहल्ला जलाल नगर गजरौला नोएडा निवासी नागर नाम के एक व्यक्ति से चोरी की बाइक खरीदते थे। बाइकों की नकली आरसी बनाकर उन्हेें क्षेत्र के लोगों को अच्छे दामों में बेचा जाता था।
इस काम में ढक्का मोड़ निवासी रहीस पुत्र हाजी बल्लूू इनकी मदद करता था। इनके पास से एक प्रिंटर ब्लैक एंड व्हाइट, एक प्रिंटर कलर, एक लैपटाप, बाइकों पर इंजन चेसिस नंबर गोदने की डाई, आरटीओ की नकली मोहरें, चार फर्जी ब्लैंक आरसी शीट, आठ फर्जी तैयारी की गई आरसी व फर्जी आरसी तैयार करने का प्रारूप बरामद किए गए हैं। जबकि आरोपियों की निशानदेही पर ताहरपुर के जंगल से आठ चोरी की बाइक बरामद की गई हैं। गिरोह के दो सदस्य अभी फरार चल रहे हैं जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।