फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बछरायूं पालिका में लाखों का घोटाला, कार्रवाई अब तक नहीं

Fri, 06 Jan 2017 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

नगर पालिका परिषद बछरायूं में लाखों का घोटाला किया गया है। शिकायत के बाद नगर आयुक्त मुरादाबाद द्वारा की गई जांच में इस बात का पर्दाफाश हुआ है। सड़क, नाला निर्माण से लेकर सामान की खरीद-फरोख्त में जबरदस्त घपलेबाजी की गई है। जो काम कम लागत में होना चाहिए, उसकी कीमत अभिलेखों में ज्यादा दर्शाई गई है। मौके पर सामान लोकल पाया गया है, जबकि कंपनी के सामान का भुगतान अधिकारियों ने अभिलेखों में दिखाया है। जांच अधिकारी द्वारा अपनी रिपोर्ट नगर विकास सचिव को सौंप दी गई है किंतु अभी तक उनके द्वारा पड़ताल में दोषी मिले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की गई है। 

कुछ दिन पहले नगर विकास मंत्री मो. आजम खां से नगर पालिका परिषद बछरायूं में चल रहे गड़बड़झाले की शिकायत की गई थी, जिसमें बाहरी अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई थी। इस पर नगर विकास सचिव ने जांच नगर आयुक्त मुरादाबाद संजय कुमार सिंह को सौंपी थी। इसके बाद जांच अधिकारी ने शिकायत में दर्शाए गए प्रत्येक बिंदु की पड़ताल की। इंद्रावती स्कूल पर जो सबमर्सिबल लगा है वह 1 लाख 20 हजार में हो जाता, मगर उस काम को 4 लाख 38 हजार में कराया गया है, इस बिंदु की पड़ताल में उन्होंने पाया कि मिनी नलकूप के प्राक्कलन के लिए जो दरें 3 लाख 60 हजार 418 रुपये ली गई हैं, उसमें 5 प्रतिशत वैट पूर्व में ही ले लिया गया है। 
विज्ञापन


कार्यादेश में न्यूनतम निविदा मै. हिन्दुस्तान इलेक्ट्रिकल्स संभल को 13 प्रतिशत वैट अतिरिक्त दिया गया है। यह वैट सामग्री मद के साथ-साथ लेबर मद में भी दे दिया गया है, जबकि 5 प्रतिशत वैट प्राक्कलन में ही ले लिया गया था। 14 प्रतिशत अतिरिक्त देने का कोई औचित्य नहीं होता। भौतिक सत्यापन के आधार पर मिनी नलकूप पर लगे स्टार्टर व पैनल एलएंडटी मेड के नहीं थे, जबकि प्राक्कलन में उपरोक्त सामग्री एलएंडटी मेड की ली गई है। नलकूप के पास स्लूस वाल्व व रिफ्लेक्स वाल्व भी नहीं लगे थे। करबला रोड पर सबमर्सिबल में भी उपरोक्त गड़बड़ी पाई गई है। इसके अलावा स्टेबलाइजर खरीद व वीटी मोटर पंप सेट में भी अनियमितताएं पाईं। पंप सेट मौके पर ज्योति मेड का पाया गया, जबकि क्रिर्लोस्कर मेड की दरें ली गईं। पंप सेट की कीमत दो लाख रुपये लगाई गई, जो समझ से परे जांच अधिकारी ने बताई है।


तीन टैंकर खरीद व रखरखाव पर खर्च की गई धनराशि की कोई भी औचित्य पत्रावली जांच अधिकारी को नहीं उपलब्ध कराई गई। कोटेशन के आधार पर ही फर्म को भुगतान करना पाया गया। मोहल्ला पीरजादगान में छोईया वाली पुलिया से एसबीआई के सामने तक का नाला निर्माण भी मानकयुक्त नहीं मिला। इसमें कुछ जगह छोड़ी गई है, जिसे जांच अधिकारी ने गलत करार दिया है। जनरेटर खरीद में  भी वैट अतिरिक्त देना पाया है।  मो. चौधरियान में कुंडा रोड पुल   से धनौरा रोड तक फैक्ट्री साइट में मिट्टी भराव इंटरलाकिंग टाइल्स पटरी निर्माण में भी गड़बड़ी पाई है। 
विज्ञापन


पालिका के नव निर्वाचित सदस्य व अध्यक्ष के निवास स्थान पर नाम के बोर्ड तैयार कर लगाने में ठेकेदार को भुगतान अधिक करना पाया है। सड़क की लंबाई भी जांच अधिकारी ने कम पाई है। इसके अलावा जांच अधिकारी ने अन्य कई कार्यों में घपला पकड़ा है। इसके बाद अपनी रिपोर्ट नगर विकास सचिव को भेज दी है। दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ अभी तक शासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें