अमरोहा। भाकियू टिकैत ने कम छात्र संख्या वाले परिषदीय स्कूलों का एकीकरण करने का विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार को भाकियू टिकैत के पदाधिकारी बीएसए को ज्ञापन देकर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग करेंगे।
शासन ने कम छात्र संख्या वाले परिषदीय स्कूलों का एकीकरण करने की कवायद शुरू कर दी है। कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को उसी ग्राम पंचायत या फिर नजदीक की ग्राम पंचायत के स्कूलों में विलय कर दिया जाएगा, लेकिन इसकाविरोध भी शुरू हो गया है।
भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह व शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राकेश चाहल का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के अभिभावक ज्यादातर मजदूर, किसान या रेहड़ी का काम करने वाले है। अभिभावक घर से दूर कार्य करते है या सुबह ही काम पर चले जाते है। ऐसी स्थिति में 6 से 14 साल के बच्चे निकटवर्ती गांव जिसकी न्यूनतम दूरी 3- 6 किमी होगी, में प्रतिदिन सर्दी, गर्मी, बरसात के मौसम में स्वयं पैदल आवागमन नहीं कर सकते है। गांव का विद्यालय बंद होते ही ये बच्चे शिक्षा से सदा के लिए वंचित रह जाएंगे। एक गांव से दूसरे गांव का रास्ता सूनसान खेतों व जंगलों से होकर गुजरता है। इसका बेटियों की शिक्षा पर भी प्रभाव पड़ेगा।
कहा कि विद्यालयों का विलय करने की बजाय उक्त समस्या के निदान पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि विद्यालयों के एकीकरण के विरोध में भाकियू टिकैत मंगलवार यानी आज दोपहर 12 बजे बीएसए को ज्ञापन सौंपेगें। इस दौरान संगठन के सभी प्रकोष्ठ के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहेंगे।