गजरौला। भाकियू चौहान गुट के धरने में कुमराला बिजलीघर के जेई जुबेर अहमद के व्यवहार से किसानों में नाराजगी दिखी। पीड़ित किसान से जेई के माफी मांगने के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त किया। धरने में संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगे राम त्यागी ने कहा कि बिजली विभाग की बदनामी कर रहे ऐसे कर्मचारियों को सबक सिखाया जाएगा।
शनिवार दोपहर गुट के किसान बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां धरना देकर बैठ गए। किसानों ने अधिशासी अभियंता नीरज कुमार को भी अपने बीच बैठा लिया। कुमराला बिजलीघर के जेई जुबेर अहमद भी बुला लिया। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगे राम त्यागी ने कहा कि पपसरा खादर गांव निवासी ग्रामीण तौहीद का घरेलू बिजली का कनेक्शन है। जिसका बिल 1900 रुपये था, जबकि भेज दिया गया दस हजार रुपये। पीड़ित अपनी समस्या लेकर कुमराला बिजलीघर आया।
जेई ने पीड़ित की बात सुनने की बजाय उससे अभद्रता करते हुए भगा दिया। पीड़ित ने उनसे बात कराई तो जेई ने भी सही बात नहीं की। आरोप लगाया कि बिल सही करने के लिए पांच हजार रुपये मांगे। धरने पर बैठे किसानों की जेई से नोकझोंक हुई। मारपीट और खींचतान की नौबत आ गई। किसी तरह समझा कर माहौल शांत किया। इस दौरान किसानों ने जेई के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। वहीं जेई द्वारा माफी मांगने की बात कही। इस पर जेई जुबेर अहमद ने पीड़ित किसान से माफी मांगते हुए उपभोक्ताओं की बातों को गंभीरता से सुनने की बात कही। इस पर धरना समाप्त हो गया।
बयान
जेई के कारण उनके कार्यालय पर किसानाें ने धरना दिया। जल्द ही जेई को हटाकर दूसरे बिजलीघर पर तैनात किया जाएगा।-नीरज कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड गजरौला।