गुजरे समय में अविरल बहने वाली बान नदी का स्वरूप धीरे-धीरे बदलता चला गया। कई गांवों में नदी का दायरा सिमटा तो कई गांवों में नदी की जमीन पर कब्जे कर लिए गए है। जिससे नदी नाले के रूप में दिखाई देने लगी है। नदी का अस्तित्व बचाए रखने के लिए कई बार मुहिम भी छेड़ी गई, लेकिन उसको अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। अब अमर उजाला ने मुहिम शुरू की तो प्रशासन व विकास विभाग के साथ-साथ ग्राम प्रधानों व युवाओं ने भी अभियान में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने भी नदी की पैमाइश के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने बीडीओ को नदी का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। पांच दिन चले सर्वे के बाद बीडीओ अमरोहा नीरज गर्ग ने अपनी रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार गांव गजाना, कासमपुर मेव, नौराहन, हाजरपुर, लालू नंगला व बुडेरना में नदी की जमीन में गेंहू की फसल खड़ी मिली है। साथ ही मउमय चक, भटपुरा सकेनिया, फूलपुर अदलपुर, जलीलपुर बक्काल आदि में नदी के जीर्णोद्धार व साफ-सफाई पर जोर दिया गया है।
कई गांवों में नदी की चौड़ाई 20 तो कहीं 11 मीटर मिली
नदी की चौड़ाई कई गांवाें में 20 मीटर पाई गई है तो, कुतुबपुर हमीदपुर में नदी की चौड़ाई 11 मीटर मिली है। इसके अतिरिक्त कई गांवों में नदी की चौड़ाई में भिन्नता मिली है। हालांकि पैमाइश के बाद ही नदी की चौड़ाई पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
- सर्वे रिपोर्ट मिली है। सर्वे रिपोर्ट में नदी की जमीन में गेहूं की फसल खड़ी है। साथ ही कई जगह नदी की जमीन में सफाई की जरूरत बताई गई है। रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही नदी को उसके पुराने स्वरूप में लाने के लिए काम शुरू कराया जाएगा।- अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ