अमरोहा। ऑफिसर्स कालोनी में युवती का शव दुपट्टे के सहारे फंदे पर झूलता मिला। युवती की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है।
मूलरूप से सहारनपुर के रहने वाले राजीव गुप्ता कलक्ट्रेट में चकबंदी विभाग कार्यालय में कनिष्ठ सहायक हैं। वह पत्नी मीनाक्षी गुप्ता और दो बच्चों के साथ ऑफिसर्स कालोनी में रहते हैं। उनकी बेटी वर्णिका गुप्ता और बेटा केशव भी बीकॉम की पढ़ाई कर रहे हैं। बुधवार की सुबह राजीव गुप्ता तैयार होकर ऑफिस चले गए। जबकि उनकी पत्नी खाना बना रही थीं। बेटा केशव गुप्ता एक रूम में बैठ कर मोबाइल देख रहा था। बताया जाता है कि तभी उनकी 22 वर्षीय बेटी वर्णिका गुप्ता अपने कमरे में गई और अंदर से गेट बंद कर लिया। काफी देर तक वह बाहर नहीं आई। भाई ने गेट खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। तभी भाई ने गेट के नीचे से शीशा लगाकर उसकी परछाई में देखा कि वर्णिका का शव फंदे पर लटका हुआ है। यह देख कर मां-बेटे बदहवाश हो गए। उन्होंने घटना की जानकारी राजीव गुप्ता को दी। इसके बाद कालोनी में खलबली मच गई। लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही देहात थाना प्रभारी अरिहंत कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। दुपट्टे को कैंची से काट कर शव को नीचे उतारा। जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ अरिहंत कुमार ने बताया कि मामला आत्महत्या का है। खुदकुशी करने के पीछे वजह क्या रही है, इसकी जांच की जा रही है।
हर जुुबान पर यही सवाल, क्यों दी जान
अमरोहा। कालोनी के लोगों के मुताबिक राजीव गुप्ता का परिवार सामाजिक कार्यों से जुड़ा है। दोनों बहन-भाई का आपस में अच्छा व्यवहार था। राजीव हर रोज तड़के में पशु-पक्षियों को दाना खिलाते हैं। जबकि हर छह महीने में वह राक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद करते हैं। इतना ही नहीं वह दूसरों को भी सामाजिक कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी पत्नी मीनाक्षी शुगर से पीड़ित हैं। वह लंबे समय से बीमार रहती हैं। घटना से पहले भी परिवार में कोई विवाद नहीं हुआ था, लेकिन अचानक ऐसा क्या हो गया जो बेटी ने आत्महत्या जैसे कदम उठा लिया। ये सवाल हर किसी के जुबान पर था।