अमरोहा। आने वाले दिनों में जिले की पांच बैंकों का विलय हो जाएगा। इसमें इन बैंकों की 27 शाखाएं शामिल होंगी। महाविलय के बाद जिले के करीब साढ़े पांच लाख ग्राहकों की बैंक शाखाओं के केवल नाम और खाता संख्या बदल जाएंगे। दावा है कि बैंक शाखाएं पूर्ववत काम करती रहेंगी। सालाना अनुमानित बैंक शाखाओं में 1200 करोड़ से अधिक का कारोबार होता है।
जिले में कुल विभिन्न 22 बैंक की 208 शाखाएं हैं। इसमें सर्वाधिक शाखाएं सिंडिकेट बैंक की है। यह जिले में लीड बैंक भी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आदेश के बाद राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय होना है। अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिए उठाए गए कदम से इसमें जिले के पांच बैंक का विलय किया जाना है। बैंक शाखाओं में शनिवार को कोई खास हलचल नहीं रही। रोजाना की तरह काउंटर पर क्लर्क काम करते मिले। आजाद रोड स्थित सिंडिकेट बैंक की मुख्या शाखा में ग्राहक काउंटर पर खड़े रहे। इसके अलावा कुछ कारोबारी भी आए थे। उन्होंने अपनी रकम जमा कराई। इसके बाद यह लोग बैंक की शाखा से निकल गए।
इन छह बैंकों को होगा विलय
नाम संख्या ग्राहक कारोबार
सिंडिकेट बैंक 19 04 लाख 900 करोड़
ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स 03 50 हजार 135 करोड़
इलाहाबाद बैंक 02 40 हजार 120 करोड़
कॉरपोरेशन बैंक 02 15 हजार 50 करोड़
आंध्रा बैंक 01 10 हजार 13 करोड़
जिले में लीड है सिंडिकेट बैंक, हो रहा विलय
अमरोहा। सिंडिकेट बैंक जिले में लीड है। इसकी कुल 19 शाखाएं हैं जबकि केनरा बैंक की तीन शाखाएं हैं। अब जिले में तीन शाखाओं वाले केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का विलय होना है।
नई चेकबुक और डेबिट क्रेडिट कार्ड जारी होंगे
अमरोहा। आम तौर पर बैंक ग्राहकों को पांच बड़े बदलाव से सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा अन्य बदलाव भी होंगे, लेकिन अधिकांश बैंक के ग्राहक सामान्य आय वर्ग के हैं। सामान्यत: नई चेकबुक, डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी हो सकता है। आईएफएस कोर्ड में बदलाव होगा। इसके अलावा लोन लेने वालों को प्रक्रिया दोबारा अपनाना पड़ सकता है।
बैंक ग्राहकों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सिंडिकेट और केनरा बैंक का सॉफ्टेवयर एक है ऐसे में कोई खास दिक्कत नहीं होगी। स्टाफ आसानी से काम काज निपटा सकेंगे। इसके अलावा अन्य बैँक में भी प्रशिक्षित कर्मचारी हैं। - प्रशांत कुमार, जिला अग्रणी प्रबंधक