अमरोहा। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के आदेश से खाते में आई रकम में बिना अनुमति 21 लाख रुपये का लेनदेन करने का आरोप लगाते हुए महिला ने बैंक के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद एवं प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया है। महिला ने रकम वापस कराने के साथ मानसिक व आर्थिक क्षति के मुआवजे और वाद व्यय के रूप में 6.25 लाख रुपये दिलाने की मांग की है।
संभल के मन्नीखेड़ा गांव निवासी स्वाति के अनुसार उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की जोया शाखा में 23 जनवरी 2026 को बचत खाता खोला था। छह फरवरी को मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल अमरोहा के आदेश पर खाते में 9,30,977.67 और दो लाख रुपये समेत 11,30,977.67 रुपये आए। इसी दिन दो लाख रुपये की एफडी कराई और एक लाख रुपये निकालने के बाद खाते में 8,30,977.67 रुपये रह गए।
आरोप है कि इसके बाद उन्होंने कोई निकासी नहीं की और न ही किसी को लेनदेन की अनुमति दी। बावजूद इसके 17 फरवरी को पांच लाख और 20 फरवरी को आठ लाख रुपये खाते से निकाले गए। बाद में 18 और 23 फरवरी को संबंधित खातों से पांच और आठ लाख रुपये फिर उनके खाते में जमा किए गए। 30 मार्च को फिर आठ लाख रुपये निकाल लिए गए। चार अप्रैल को स्टेटमेंट देखने पर खाते में 32,087.67 रुपये ही मिले।
स्वाति ने सात अप्रैल को अधिवक्ता के माध्यम से बैंक अधिकारियों को नोटिस भेजकर रकम लौटाने और एक लाख रुपये अतिरिक्त देने की मांग की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब उन्होंने आयोग में आठ लाख रुपये वापस कराने, एक लाख रुपये अवैध लाभ, पांच लाख रुपये शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षति तथा 25 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में दिलाने की मांग की है। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य मंजू रानी दीक्षित ने बैंक अधिकारियों को नोटिस जारी कर पक्ष रखने को कहा है।