लगातार बारिश के होने के कारण जिले में बाढ़ के हालात बन गए हैं। अब नौगांवा सादात क्षेत्र में बान नदी उफनाने लगी है। बस्तापुर गांव के निकट बान नदी के पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। इससे दस गांव के लोगों का संपर्क करने से मुसीबत बन गई है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जान जोखिम में डाल कर लोग पुल के ऊपर बहते पानी से निकल रहे हैं। उधर, जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सतर्क हो गया है।
प्रशासन ने नदी के पुल पर चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी है कि नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां से निकलना जानलेवा हो सकता है इसलिए अन्य मार्गों से गंतव्य के लिए निकले। चेतावनी बोर्ड लगने के बाद भी लोग इस पुल का उपयोग कर रहे हैं। तेज बहाव के कारण पुल के ढहने का भी खतरा बना हुआ है। पुल से निकलने वाले लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है। बिजनौर जिले के नजीबाबाद से शुरू होने वाली बान नदी अमरोहा जिले के नौगावां सादात, हसनपुर व जोया समेत विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए मुरादाबाद की गांगन नदी में जाकर मिलती है। क्षेत्र में सैकड़ों सालों से इस नदी का प्रवाह है। हालांकि बीते कुछ साल पहले तक नदी में पानी का प्रवाह बंद था। बीते दिनों अमर उजाला के अभियान के बाद जिला प्रशासन स्तर पर नदी को पुनर्जिवित करने की कवायद शुरू की गई थी। बुधवार दोपहर एकाएक नदी का जलस्तर बढ़ गया।
नजीबाबाद की ओर से आए पानी के तेज बहाव ने क्षेत्र की आबादी को हलकान कर दिया। बाढ़ का पानी बस्तापुर गांव के पास बान नदी के पुल के ऊपर तक बहने लगा। इसके बाद बस्तापुर, कर्रार नगर, कायमपुर, कैल बकरी, मिलक, कुतुबपुर, हिसामपुर, कमालपुर, दोज नगर, मोहनपुर, बसेड़ा आदि का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया। लेकिन लोगों ने क्षतिग्रस्त पुल से बह रहे पानी से निकलने नहीं छोड़ा। बाइक, कार और पैदल लोग निकल रहे हैं।